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माफिया अतीक अहमद के खिलाफ यूपी सरकार का एक्शन जारी, एक सप्ताह में चलेगा बुलडोजर

प्रयागराज,  उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद व उसके करीबियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने माफिया के करीबियों के अवैध निर्माण को ढहाने के लिए नोटिस भेजा है। जिन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है उनके मकानों पर एक सप्ताह के भीतर पीडीए बुलडोजर चलाएगा। इस सूची में गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, नफीस, बल्ली पंडित सहित 20 लोगों का नाम शामिल हैं।

उमेश पाल हत्याकांड में शामिल रहे हैं माफिया के करीबी

पीडीए के जोनल अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर ऐसे लोग हैं जो माफिया के करीबी और उमेश पाल व दो सरकारी गनर की हत्या व साजिश में शामिल रहे। मेहंदौरी, बमरौली, तेलियरगंज, करेली चकिया, सुलेम सराय, धूमनगंज सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में माफिया के उक्त करीबियों के अवैध पक्के निर्माण हैं। बताया कि जल्द ही इनके अवैध निर्माण को जमींदोज किया जाएगा। पीडीए उपाध्यक्ष अरविंद चौहान का कहना है कि अवैध निर्माण ढहाने की प्रक्रिया चल रही है।

अतीक के गुर्गे फहद की जमानत अर्जी खारिज

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद के गुर्गे फहद उर्फ वसीउर्रहमान को जमानत पर रिहा करने से इन्कार कर अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा, याची नौ आपराधिक केस में लिप्त है। वह आदतन अपराधी है। अपराध के गंभीर आरोप हैं। ऐसा कोई ठोस आधार नहीं कि वह जमानत पर छूटने के बाद अपराध नहीं करेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने दिया है। फहद एक जनवरी 2022 से जेल में बंद है। प्रयागराज के करेली क्षेत्र में 31 दिसंबर 2021 को अतीक अहमद का बेटा अली अहमद हथियार से लैस अपने 20 साथियों के साथ तीन वाहनों में आया और शिकायतकर्ता के घर को घेर लिया था।

असद ने खरीदे 16 फोन, शूटरों को दिए एक-एक लाख रुपये

अधिवक्ता उमेश पाल हत्याकांड में साजिश की परतें धीरे-धीरे उधड़ रही हैं। साजिश के तार बरेली तथा अहमदाबाद जेल से जुड़े हैं और माफिया अतीक ने भाई अशरफ तथा अन्य गुर्गों से वाट्सएप काल से बात कर सारा षड़यंत्र रचा था, यह तो शुरू में ही सामने आ चुका है। अब जांच में यह भी पता चला है कि असद ने वारदात से कुछ ही समय पहले 16 नए मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड खरीदकर आपस में बांटे थे। सबको वाट्सएप काल करनी था। अतीक की बेगम शाइस्ता ने घटना से कुछ पहले एक-एक लाख रुपये खर्च के लिए दिए थे। 24 फरवरी को सुलेम सराय में जीटी रोड पर उमेश पाल और दो गनर की हत्या की साजिश को आखिरी रूप देने में चार प्रमुख नाम रहे।