एक्सक्लूसिव

एक्सक्लुसिव:लावारिस बीमार व्यक्ति को एम्स व सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में भर्ती न करने ओर उसकी मौत पर आयोग का C M O देहरादून को नोटिस

भुपेन्द्र कुमार लक्ष्मी

संवेदनहीनता की पराकाष्ठा खांसी और छाती के दर्द से ग्रसित लावारिस अज्ञात व्यक्ति को जिला देहरादून के ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल और एम्सअस्पताल वालों ने भर्ती करने से किया मना इस कारण ईलाज के अभाव में बहुत ही दुखद मरीज की मौत ओर लावारिस की मौत के बाद भी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए नरेंद्र नगर अस्पताल में शव का पंचनामा करने को नरेंद्र नगर पुलिस ने मना कर दिया ।


समस्त वाक्या यह है कि जिला देहरादून के ऋषिकेश स्थित राम झूला पुल हनुमान मंदिर के पास एक व्यक्ति के जोर-जोर से खांसने और दर्द से कराहने की लोगों ने पुलिस को सूचना दी पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उक्त व्यक्ति को कोविड टेस्ट के लिए पूर्णानंद खेल मैदान भेजा यहां स्वास्थ्य विभाग फकोट के चिकित्साप्रभारी डॉक्टर जगदीश जोशी ने उस व्यक्ति का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया इसमें उस व्यक्ति की रिपोर्ट नेगेटिव आई सारे समय के दौरान वह व्यक्ति बेहोशी की हालत में था और अपना नाम भी नहीं बता पा रहा था इसके बाद खांसी और छाती के दर्द से पीड़ित व्यक्ति को सरकारी अस्पताल और एम्स अस्पताल वालों ने संवेदनहीनता की हदें पार करते हुए अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया इन अस्पतालों वालों द्वारा भर्ती करने से मना करने पर उस व्यक्ति को नरेंद्र नगर स्थित अस्पताल ले जाते समय उक्त व्यक्ति की रास्ते में ही मृत्यु हो गई ।
यहां भी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए नरेंद्र नगर अस्पताल में शव के पंचनामा को नरेंद्र नगर पुलिस ने मना कर दिया मजबूरन एंबुलेंस चालक को शव साथ लेकर मुनीकी रेती वापस आना पड़ा और यहां देर शाम तक उस व्यक्ति का शव एंबुलेंस में पड़ा रहा इसके बाद मुनीकी रेती थाना पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया ।

 

इस संवाददाता द्वारा इस अत्यंत ही संवेदनशील गंभीर मामले में मानव अधिकार आयोग उत्तराखंड में याचिका दायर कर निवेदन किया गया कि कि मामला बहुत ही गंभीर ओर स्पष्ट रूप से मानवाधिकारों के उल्लंघन संवेदनहीनता की हदे लांघता हुआ है क्योंकि अगर कोई अज्ञात लावारिस मानव गम्भीर रूप से बीमार हैं तो क्या उसको अस्पताल में भर्ती नहीं करेंगे या पुलिस उसका पंचनामा नहीं करेगी । इसलिए अज्ञात लावारिस व्यक्ति को सरकारी अस्पताल तथा एम्स अस्पताल वालों द्वारा भर्ती ना करने पर उसकी हुई मौत के कारण उन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही तथा नरेंद्र नगर अस्पताल में जिन पुलिसकर्मियों द्वारा पंचनामा नहीं भरा गया उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर समस्त मामले में जनहित न्यायहित में तत्काल कार्रवाई कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के आदेश कर समस्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश कर समस्त मामले की रिपोर्ट भी तलब करने की कृपा करें ।
आयोग में इस अत्यंत ही गंभीर मामले की सुनवाई डबल बेंच में की गई और मामले की गंभीरता देखते हुए आयोग के सदस्यों न्यायमूर्ति अखिलेश चन्द्र शर्मा तथा आर.एस. मीना द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून को नोटिस जारी कर समस्त मामलें की रिपोर्ट मांगी गई ।
इस संवाददाता द्वारा आमजन के हित में मानव अधिकार आयोग के आदेशों पश्चात इस अत्यंत गंभीर मामले में तत्काल क्या कार्रवाई की गई उसका सूचना के अधिकार के अंतर्गत आवेदन कर की गई कार्यवाही के संबंध में भी फॉलोअप किया जाएगा ।