एक्सक्लूसिव

एक्सक्लुसिव:एसटीएफ के अंतर्गत एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स ने देहरादून से रु 40 लाख की स्मैक के साथ एक को किया गिरफ्तार

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी 

उत्तराखंड देहरादून: स्पेशल टास्क फ़ोर्स(एसटीएफ)के अंतर्गत एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स ने देहरादून से 100 ग्राम स्मैक लगभग 40 लाख रु की समैक के साथ एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार।
स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड के अंतर्गत गठित एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स द्वारा नशे की अवैध तस्करी के विरू़द्ध चलाये जा रहे निरंतर कार्यवाही के तहत आज दिनांक 17.01.2021 को अभियुक्त शिवम गुप्ता को थाना डोईवाला के  अंतर्गत हर्रावाला क्षेत्र से सफेद कलर की होन्डा सिटी कार  में मय 101 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया। उक्त बरामद स्मैक की कीमत लगभग 40 लाख रुपए के करीब है।
प्रभारी Anti Drugs Task Force द्वारा उप निरीक्षक विकास रावत को मादक पदार्थों के धंधे में लिप्त अभियुक्तों का पता लगाने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसमें  गोपनीय सूचना मिली कि शिवम गुप्ता उपरोक्त वर्तमान समय में थाना डोईवाला क्षेत्र में स्मैक बेच रहा है। संकलित सूचना के आधार पर,संयुक्त टीम( स्पेशल टास्क फोर्स की एन्टी ड्रग्स टास्क फोर्स व थाना डोईवाला पुलिस) द्वारा आज शाम अभियुक्त शिवम गुप्ता पुत्र सुदामा गुप्ता निवासी 217 इन्द्रा नगर थाना बसन्त विहार को सफेद कलर की होन्डा सिटी कार नम्बर UA07S7736 मय 100 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ के नेतृत्व में गिरफ्तार करने वाली टीम एडीटीएफ एसटीएफ की टीम में उप निरीक्षक विकास रावत, उप निरीक्षक अनिल चौहान, हे0का0 ( प्रो0) बाबू खान, हे0का0 (प्रो0)चिरनजीत सिंह,कांस्टेबल प्रदीप जुयाल, तथा कांस्टेबल जय सिंह
साथ ही थाना डोईवाला की टीम में उप निरीक्षक राकेश पंवार तथा कॉन्स्टेबल राकेश चन्द्र।
पूछताछ में अभियुक्त  द्वारा बताया गया कि वह पहले एप्पल रेस्टोरेन्ट तथा दून काफी हाउस का स्वामी था उसका उपरोक्त रेस्टोरेन्ट का व्यवसाय ठीक चल रहा था लेकिन लाक डाउन के चलते वह आर्थिक तंगी का शिकार हो गया जिस कारण उसने नशे की दुनिया में कदम रख दिया तथा मादक पदार्थ बेचने लग गया। पकड़े गए अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वो बरेली के फतेहगंज से स्मैक ला रहा था। ADTF टीम द्वारा जानकारी एकत्रित की गई आगे कि कार्यवाही हेतु अभियुक्त के विरुद्ध थाना डोईवाला में एन.डी.पी.एस. एक्ट की धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर तथा उससे बरामद कार को सीज कर अन्य जानकारी एकत्रित की जा रही है।