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उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से बदरीनाथ-गंगोत्री समेत कई नेशनल हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में जलभराव

देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने अब विकराल रूप ले लिया है। इसका सीधा असर पहाड़ से लेकर मैदान तक साफ देखने को मिल रहा है। लगातार हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण बदरीनाथ और गंगोत्री जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे सड़कों के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। वहीं, मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार और रुड़की में भारी जलभराव के चलते बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

चमोली जिले के फरासू स्लाइड जोन में लगातार हो रहे रॉक फॉल (पहाड़ी से पत्थर गिरना) के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने यहां यातायात रोक दिया है और यात्रियों को देवलगढ़-चमधार वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है। इसके अलावा, उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी, धरासू घाट और नगुण के पास भारी मलबे की वजह से बाधित है। बीआरओ (BRO) की टीमें मार्ग खोलने में जुटी हैं। राहत की बात यह है कि यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है। थराली में भी अलकनंदा और पिंडर नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण थराली-देवाल वाण समेत 5 प्रमुख ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं।

 मैदानी क्षेत्र के हरिद्वार और रुड़की जिलों में बुधवार रात से शुरू हुई झमाझम बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। हरिद्वार के प्रसिद्ध पिरान कलियर में दरगाह साबिर पाक परिसर और बाजारों में पानी भर गया, जिसे रोकने के लिए श्रद्धालुओं को रेत के कट्टे लगाने पड़े। स्थानीय लोगों ने नालों की सफाई न होने और अतिक्रमण को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है।

रुड़की और लंढौरा कस्बे की कई कॉलोनियों (अंबेडकर कॉलोनी, पठानान, गुर्जरवाड़ा) के घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान बर्बाद हो गया। बृहस्पतिवार सुबह स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को कमर तक भरे पानी के बीच से गुजरना पड़ा।

हालात को देखते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट ने दरगाह प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को तुरंत नालों की सफाई कराने और जल निकासी दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें मलबा हटाने के काम में लगी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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