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देहरादून: 26 गोल्ड मेडल जीतने वाली दिव्यांग महिला शूटर फुटपाथ पर बेच रही है चिप्स बिस्किट सरकार बेपरवाह राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने लिया संज्ञान

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी

अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 26 गोल्ड मेडल 8 रजत एवं 3 कांस्य पदक जीतने वाली दिव्यांग महिला शूटर दिलराज कौर उत्तराखंड राज्य के जिला देहरादून में राजपुर रोड गाँधी पार्क के बाहर फुटपाथ पर चिप्स बिस्किट आदि बेच रही है, इस प्रतिभावान शख्सियत की ओर सरकार बिल्कुल बेपरवाह हैं परन्तु उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखंड उच्च न्यायालय परिसर नैनीताल ने मीडिया में वायरल हो रहे इस अत्यन्त ही गंभीर प्रकरण में तत्काल जनहित में संज्ञान लिया गया।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखंड उच्च न्यायालय परिसर नैनीताल को मीडिया के माध्यम से पता चला कि सुश्री दिलराज कौर जो कि भारत की प्रथम दिव्यांग महिला (जिनके शरीर का बायां पैर एवं बाया हाथ जन्म से ही काम नहीं करता है) एक निशानेबाज हैं एवं वर्तमान में सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का सहयोग न मिलने के कारण आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रही है।


इस संबंध में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखंड उच्च न्यायालय परिसर नैनीताल द्वारा तुरंत संज्ञान लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून को उसके बारे में अभिलंब कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिया गया। सदस्य सचिव राजीव कुमार खुल्बे उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा दिए गए निर्देश के अनुपालन में नेहा कुशवाहा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए दिव्यांग महिला से दूरभाष पर वार्ता कर उनकी समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
दिव्यांग महिला द्वारा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून को बताया गया कि वह एक निशानेबाज एथलीट हैं एवं उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया है तथा 26 गोल्ड मेडल 8 रजत एवं 3 कांस्य पदक जीते हैं एवं विभिन्न पैरा राष्ट्रीय व शूटिंग वर्ल्ड कप में टेक्निकल अफसर के रूप में भी कार्य किया है तथा वह बार एसोसिएशन देहरादून में बतौर अधिवक्ता भी पंजीकृत हैं तथा वे पीसीएस (जे) के एग्जाम में भी बैठ चुकी हैं। वह अपनी विधवा माता के साथ किराए के मकान में रहती हैं। उक्त महिला ने सीमित शारीरिक क्षमताओं के पश्चात भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में कई मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया है परंतु इसके बावजूद भी आज तक इनको प्रदेश की सरकार ने प्रथम दिव्यांग महिला खिलाड़ी होने का कोई सम्मान नहीं दिया है एवं ना ही किसी प्रकार से आर्थिक सहायता मुहैया कराई है इसके चलते इस होनहार खिलाड़ी को कोरोनाकाल के दौरान फुटपाथ पर नमकीन बिस्कुट बेचकर अपना गुजर-बसर करना पड़ रहा है एवं आर्थिक कठिनाइयों का अत्यधिक सामना करना पड़ रहा है, जबकि सरकार को ऐसी दिव्यांग होनहार महिला खिलाड़ी को उनकी गुजर-बसर हेतु आर्थिक सहायता देनी चाहिए थी जो उन्हें अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
तत्पश्चात सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा अविलम्ब प्राविधिक कार्यकर्ता जहांगीर आलम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून को दिव्यांग महिला के घर जाकर उनकी विधिनुसार उचित सहायता करने हेतु आदेशित किया गया। इस दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून भी पूरा समय दूरभाष के जरिए उक्त दिव्यांग महिला के संपर्क में रही तथा उक्त महिला के बारे में पूर्ण जानकारी देते हुए उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को भी पत्र प्रेषित किया गया जिसका संदर्भ लेते हुए राजीव कुमार खुल्बे सदस्य सचिव उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा उनके संबंध में सरकार से वार्ता कर उनको उचित सहायता दिलाए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
इसके अतिरिक्त सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा दिव्यांग महिला को अवगत कराया गया कि यदि भविष्य में उसे किसी भी प्रकार की कोई विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून से संपर्क कर सकती हैं।

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