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सीएम पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद अब विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे संविदा

नियमितीकरण पर सीएम पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद अब विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे संविदा, उपनल कर्मचारियों की निगाहें सेवाकाल व कटऑफ के पैमाने पर हैं। राज्य में इससे पहले दो बार नीतियां बनाई गईं, जिसमें अलग-अलग सेवा अवधि रखी गई थी।
वर्ष 2013 से पूर्व तक संविदा, आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण का कोई प्रावधान नहीं था। दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप में नियुक्त कार्मिकों का विनियमितीकरण नियमावली वर्ष 2013 में आई थी, जिसमें कर्मचारियों के लगातार 10 साल की सेवा को आधार बनाकर नियमित करने का प्रावधान था। यह नियमावली विवादों में आ गई और हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी।




