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उत्तराखंड कांवड़ यात्रा 2025 के लिए डीजीपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा, 7000 से अधिक पुलिस बल तैनात

उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा 2025 के लिए डीजीपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा, 7000 से अधिक पुलिस बल तैनात

ऋषिकेश, 10 जुलाई 2025: उत्तराखंड में 11 जुलाई से शुरू होने वाली श्रावण मास कांवड़ यात्रा-2025 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। आज पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने कांवड़ मेला क्षेत्र ऋषिकेश पहुंचकर देहरादून, पौड़ी और टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की और यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया।

डीजीपी ने मुनि की रेती (टिहरी), लक्ष्मण झूला (पौड़ी) से लेकर नीलकंठ महादेव मंदिर तक सुरक्षा, यातायात, श्रद्धालु सहायता केंद्रों और शिविर स्थलों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने नीलकंठ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं और मंदिर समिति से फीडबैक लिया तथा लक्ष्मण झूला और नीलकंठ में तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

7000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी

डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि कांवड़ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए 7000 से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें 3000 पुलिसकर्मी, 1350 होमगार्ड और पीआरडी, 15 कंपनी पीएसी, 9 कंपनी अर्धसैनिक बल, 9 बम डिस्पोजल स्क्वायड, 4 आतंकवादी निरोधक दस्ते, 10 एसडीआरएफ टीमें, 10 ड्रोन टीमें और 7 जल पुलिस टीमें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24×7 निगरानी की जा रही है।

नीलकंठ मेला क्षेत्र को 1 सुपर जोन, 7 जोन और 23 सेक्टरों में, जबकि हरिद्वार मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र में एएसपी, सीओ और एसएचओ स्तर के अधिकारी प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। ड्रोन, सीसीटीवी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, एसटीएफ और अभिसूचना इकाइयों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

हुड़दंग और असामाजिक तत्वों पर सख्ती के निर्देश

डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि डीजे की प्रतिस्पर्धा, मानक से अधिक ऊंची कांवड़ और असामाजिक तत्वों द्वारा गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम भ्रामक सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। सीमावर्ती राज्यों के कंट्रोल रूम के साथ रियल-टाइम सूचनाओं का आदान-प्रदान भी सुनिश्चित किया गया है।

डीजीपी का संदेश:

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा, “कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराना हमारी प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता प्रदान करना हमारा कर्तव्य है। सभी अधिकारी निष्ठा, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करें।” उन्होंने श्रद्धालुओं से भी पुलिस प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

वरिष्ठ अधिकारियों की ब्रीफिंग

ऋषिकेश और हरिद्वार में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिसमें एडीजी (कानून-व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन, एडीजी (अभिसूचना) ए.पी. अंशुमान, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, निदेशक यातायात एन.एस. नपलच्याल और डीआईजी फायर सर्विस निवेदिता कुकरेती शामिल थे, ने संयुक्त ब्रीफिंग के दौरान फोर्स को दिशा-निर्देश दिए।

डॉ. वी. मुरूगेशन ने कहा, “कांवड़ मेला-2025 हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। अनुशासन, त्वरित निर्णय और समन्वय के साथ इसे सफल बनाना है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात का प्रभावी संचालन हमारी प्राथमिकता है।”

उत्तराखंड पुलिस का संकल्प

उत्तराखंड पुलिस कांवड़ यात्रा-2025 को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपेक्षा की गई है।

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