उत्तराखंड के पूर्व सूचना आयुक्त अनिल शर्मा का कोरोना से निधन केदारनाथ आपदा व कुम्भ घोटालें में दिए थे CBI जाँच के आदेश

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी
उत्तराखंड के पूर्व सूचना आयुक्त अनिल शर्मा का ईलाज के दौरान गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमण से निधन हो गया।
अनिल कुमार शर्मा द्वारा वर्ष 2010 में उत्तराखंड के सूचना आयुक्त के रूप में दायित्व संभालने के तुरंत बाद से ही उत्तराखंड में व्यापक जनहित में कई ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व निर्णय पारित किये गये । अनिल शर्मा सख्त फैसले लेने में कभी भी नहीं हिचकिचाये ओर ना ही किसी के दबाव आये। सूचना के अधिकार अधिनियम को व्यापक जनहित में लागू करने के रूप में अनिल शर्मा की अपनी एक अलग ही पहचान थी।
अनिल कुमार शर्मा ने उत्तराखंड के प्रथम पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त स्वर्गीय श्री आर. एस. टोलिया के जनहित के सूचना के अधिकार अधिनियम मिशन को बखूबी आगे बढ़ाया अपने पाँच साल के कार्यकाल में अनिल शर्मा ने जनहित राज्यहित में कई ऐसे फैसले लिए जिनके कारण तत्कालीन सरकारों को खासा असहज होना पड़ा।
उत्तराखंड में वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा के संबंध में मुझ संवाददाता द्वारा जनहित राज्यहित में सरकार से सूचना के अधिकार में सूचनाये मांगी गयी थी। परंतु अधूरी एवं स्पष्ट सूचनाएं प्राप्त होने पर मेरे द्वारा उत्तराखंड सूचना आयोग में शिकायत की गई शिकायत की सुनवाई सूचना आयुक्त अनिल शर्मा द्वारा की गई सूचना आयुक्त अनिल शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्त सूचनाएं उपलब्ध करवाने हेतु निर्देशित किया गया सूचना आयुक्त के निर्देशों पश्चात जब मुझे सूचनाएं प्राप्त हुई और मेरे द्वारा सूचनाये प्राप्त होने के बाद उनका अवलोकन किया गया तो बहुत ही बड़े स्तर पर घोटाला होने का पता लगा जिसके बाद मेरे द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई कि केदारनाथ आपदा के दौरान बहुत ही बड़ा घोटाला हुआ है आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सामान पहुंचाने के नाम पर खासी बंदरबांट हुई है। साथ ही बड़े स्तर पर अनेकों अनियमितताएं हुई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पूर्व सूचना आयुक्त अनिल शर्मा द्वारा प्रकरण में सीबीआई जांच के आदेश पारित किए गए थे इस प्रकरण ने इतना तूल पकड़ा कि तत्कालीन मुख्य सचिव को बकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर कार्य स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
उस समय की सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव एन. रविशंकर ने अपनी जांच में इस मामले में सरकार को क्लीन चिट दी गई। मेरे द्वारा इस प्रकरण से संबंधित मुख्य सचिव की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उस समय के तत्कालीन मुख्य सचिव को तथा अन्य कई नौकरशाहो को जो उस समय आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में तैनात थे उनको लीगल नोटिस भेजा गया । नोटिस भेजने के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा अपना स्पष्टीकरण भेजा गया है कि इस मामले में जांच होनी चाहिए और पूर्व में इसी तत्कालीन मुख्य सचिव ने सरकार को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि कोई घोटाला नही हुआ।
एक अन्य प्रकरण में प्रदेश की तत्कालीन सरकार को उस समय खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था जब अनिल शर्मा द्वारा कुंभ घोटाले के एक मामले में तत्कालीन मुख्य सचिव को सीबीआई जांच के निर्देश दे दिए।
अनिल शर्मा के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। मूल रूप से उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं मंडल से संबंध रखने वाले अनिल शर्मा वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में निवास कर रहे थे, अनिल शर्मा जगतगुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम के शिष्य थे।



