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फर्जी प्रमाण-पत्रों के सहारे MBBS में दाखिले का खेल,आखिर SIT के चंगुल में फंसा मामला

*देहरादून दिनाँक – 19/08/2026*

*NEET-UG 2025 में फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण-पत्र के आधार पर एमबीबीएस में प्रवेश लेने के प्रकरण में SIT ने शुरू की गहन जांच*

*अब तक की विवेचना में अभियुक्तो द्वारा दाखिले हेतु दिए गए पते निकले फर्जी*

*एसआईटी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों व जांचकर्ता पटवारी के बयान किये अंकित*

*संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच हेतु एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में गठित की थी एसआईटी*

*संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच एवं गहन परीक्षण हेतु पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है, जिनके द्वारा प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान प्रकाश में आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जायेगी :- प्रमेन्द्र सिंह डोबाल एसएसपी देहरादून*

NEET-UG 2025 के माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु कुछ अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (Freedom Fighter) श्रेणी के प्रमाण-पत्र का प्रयोग कर आरक्षण/कोटा का लाभ प्राप्त किए जाने के संबंध में थाना क्लेमेंटाउन एवं थाना रायपुर में संबंधित अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस की सुसंगत संगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दिनांक 18 सितंबर 2026 को प्रकरण में दर्ज अभियोगों की विवेचना हेतु पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया, एसआईटी टीम द्वारा की जा रही विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आए कि संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा धर्मवीर नाम से फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी के प्रमाण-पत्र का लाभ लेकर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया गया। 

विवेचना के क्रम में एसआईटी द्वारा संबंधित तथ्यों की पुष्टि हेतु धर्मवीर के परिजनों से संपर्क कर उनके पुत्र एवं पौत्र के बयान अंकित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रमाण-पत्र से संबंधित राजस्व अभिलेख एवं प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने के लिए जांचकर्ता पटवारी के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रकरण से संबंधित अभियुक्तो के अभिलेखों में दर्ज adress को verify किया गया, तो चारों अभियुक्तों के पते फर्जी निकले।

प्रकरण में प्रयुक्त प्रमाण-पत्रों एवं संबंधित दस्तावेजों की वास्तविकता एवं वैधता की पुष्टि हेतु संबंधित विश्वविद्यालय/शैक्षणिक संस्थान से पत्राचार किया गया है। प्राप्त होने वाली जानकारी एवं दस्तावेजों का विवेचना में परीक्षण किया जा रहा है।

पुलिस द्वारा प्रकरण से संबंधित सभी तथ्यों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों का विधि अनुसार संकलन एवं परीक्षण किया जा रहा है। विवेचना के दौरान प्रकाश में आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून पुलिस द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि प्रकरण की विवेचना निष्पक्ष एवं साक्ष्यपरक ढंग से की जा रही है तथा किसी भी व्यक्ति द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शैक्षणिक प्रवेश/आरक्षण का अनुचित लाभ लिए जाने की पुष्टि होने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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