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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए तैयार हो रही ड्राफ्ट रिपोर्ट सरकार को आज नहीं सौंपी जा सकेगी

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए तैयार हो रही ड्राफ्ट रिपोर्ट प्रदेश सरकार को शुक्रवार को नहीं सौंपी जा सकेगी। इसके लिए समिति को और समय लग सकता है। माना जा रहा है कि एक पखवाड़े के भीतर समिति सरकार को रिपोर्ट सौंप देगी। अलबत्ता ड्राफ्ट बनाने के लिए गठित जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई समिति नई दिल्ली में शुक्रवार को मीडिया के सामने यूसीसी से जुड़े विषयों को लेकर हो रही बातों पर अपना रुख साफ कर सकती है।

विशेषज्ञ समिति के सदस्य पिछले कुछ दिनों से नई दिल्ली में हैं और ड्राफ्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक, ड्राफ्ट तैयार करने का काम तकरीबन अंतिम रूप में हैं। जानकारों का मानना है कि यूसीसी पर केंद्र सरकार के फोकस के बाद विशेषज्ञ समिति की रणनीति में बदलाव हुआ है।अभी तक यही संभावना जताई जा रही थी कि समिति 30 जून को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी यही उम्मीद कर रहे थे। लेकिन नई परिस्थितियों और राष्ट्रीय विधि आयोग की सक्रियता के बाद अब इसमें कुछ और वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है। इस लिहाज से रिपोर्ट के जुलाई के पहले या दूसरे हफ्ते में कभी भी सरकार को सौंपी जा सकती है।

आज मीडिया से मुखातिब होंगी अध्यक्ष

विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष जस्टिस रंजना देसाई अपनी टीम के साथ नई दिल्ली में शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब होंगी। समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यूसीसी के विषयों को लेकर जो बातें आ रही हैं, इन पर रुख साफ किया जाएगा।

यूसीसी पर भारत के संविधान की मूल भावना के अनुरूप ही निर्णय होने हैं। समिति इस पर काम कर रही है। सबके हित में निर्णय आएगा। उत्तराखंड से इसकी शुरुआत हुई है। देवभूमि इसकी अगुआई कर रही है। हमारी यह अपेक्षा है कि आने वाले समय में देश भर में यूसीसी लागू हो।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी को लेकर जिस स्पष्टता के साथ समूचे देश के सामने पार्टी का नजरिया पेश किया है, उससे प्रदेश भाजपा संगठन व सरकार का हौसला चरम पर है। जल्द रिपोर्ट सरकार को मिल जाएगी। उत्तराखंड में यूसीसी हर हाल में लागू करेंगे।

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