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दक्षिण एशिया का पहला आइस रिंक 13 साल बाद फिर से शुरू,सीएम धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या करेंगे लोकार्पण

दक्षिण एशिया का पहला आइस रिंक 13 साल बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या इसका लोकार्पण करेंगे। यह रिंक पे एंड प्ले के आधार पर चलेगा जिसमें राष्ट्रीय टीमों से लेकर स्कूली बच्चे प्रशिक्षण ले सकते हैं। राष्ट्रीय खेलों के दौरान राज्य सरकार ने इसे अपने हाथ में लिया और बिजली खर्च के लिए सोलर प्लांट लगाया है।

 उत्तराखंड में दक्षिण एशिया का पहला आइस रिंक 13 साल बाद फिर से गुलजार होने जा रहा है। रिंक के जीर्णोंद्धार का कार्य पूरा हो गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व खेल मंत्री रेखा आर्या इस रिंक का लोकार्पण करेंगी। यह रिंक निरंतर चलता रहे, इसके लिए इसका संचालन पे एंड प्ले के आधार पर किया जाएगा।
इस रिंक में राष्ट्रीय टीमों से लेकर स्कूली स्तर के बच्चे भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। उत्तराखंड में हुए सैफ विंटर खेलों के दौरान वर्ष 2011 में इस आइस रिंक का निर्माण किया गया। उस समय यह दक्षिण एशिया का पहला आइस रिंक था।
सैफ खेलों के दौरान इस रिंक में आइस हॉकी और आइस स्केटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। तब कहा गया था कि इसमें भविष्य में लगातार प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
कुछ देशों ने इसमें रुचि भी दिखाई, लेकिन समय के साथ यह आइस रिंक बंद हो गया। आइस रिंक में बर्फ जमाए रखने के लिए बिजली के भारी भरकम बिल को देखते हुए विभाग ने इसे आगे चलाने में रुचि नहीं दिखाई।
इसे पीपीपी मोड पर चलाने की योजना तो बनी, लेकिन इसके लिए कोई कंपनी आगे नहीं आई। राष्ट्रीय खेलों के दौरान राज्य सरकार ने इसका संचालन अपने हाथ में लेने का निर्णय लिया। बिजली पर आने वाले खर्च के समाधान के लिए यहां एक मेगावाट के सोलर प्लांट लगाया गया है।
इससे रिंक के लिए तो बिजली मिल ही रही है, साथ ही विभाग इसे ग्रिड को भी दे रहा है। अब नए सिरे से बनकर रिंक तैयार हो चुका है। सोमवार को इसका लोकार्पण किया जाएगा।
इस समय यहां आइस स्केटिंग प्रतियोगिता के लिए स्केटिंग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी पहुंच चुके हैं, जो यहां कुछ समय तक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। आने वाले समय में यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

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