बागेश्वर के पिंडारी ट्रैकिंग रूट से घायल को लाते जवान

मृत्यु की सूचना निकली गलत
जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि खाती के ग्राम प्रशासक कैलाश सिंह दानू के भाई गिर गए थे। उनकी मृत्यु की सूचना कपकोट के हेड कांस्टेबल केदार सिंह ने दी थी। उप निरीक्षक संजय धौनी घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह घायल हैं। सूचना गलत पाई गई। दैनिक जागरण भी घायल के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता है।
18 घंटा पैदल चली एसडीआरएफ
बागेश्वर के पिंडारी ट्रैकिंग रूट से घायल को लाते जवान। सौ. एसडीआरएफ।
रात भर चला रेस्क्यू अभियान
ज्वारपानी नामक स्थान पर 80 मीटर गहरी खाई में गिरे युवक तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों की मदद से रातभर अभियान चला। विषम परिस्थितियों तथा घनघोर अंधेरे के बावजूद टीम ने कड़ी मशक्कत कर घायल व्यक्ति को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला। उसे 18 किमी स्ट्रेचर में लाद कर सड़क तक पहुंचाया। जहां से एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भर्ती किया।
जाको राखे सांईया मार सके न कोई
खाती के विजय ने मौत से लगभग 20 घंटे तक जंग की। वह शुक्रवार शाम अपराह्न खाई में गिर गए थे। उनके साथियों ने उनके जिंदा होने की आश छोड़ दी थी। हिमालय की तलहटी की ठंड भी उनके कठोर इरादों को तोड़ नहीं सकी। एसडीआरएफ तथा गांव के लोगों के पहुंचने के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला जा सका।
पर्वतारोही यामू सिंह ने कहा कि हिमालय की तलहटी में रहने वाले लोगों को फर्स्ट एड के बारे में पूरी जानकारी रहती है। वह बचने की पूरी कोशिश करते हैं। विजय गहरी बेहोशी में रहे होंगे। बाहर निकालने पर उन्हें फर्स्ट एड दिया गया तो उनकी धड़कने चलने लगीं। उनके स्वजन तथा ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।




