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डीआईजी नीरू गर्ग ने गुमशुदगी मामलों में लापरवाही बरतने पर SSP हरिद्वार को CO के स्पष्टीकरण और विवेचकों के विरुद्ध जांच के आदेश के साथ ही किये कड़े निर्देश जारी

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी 

पुलिस उपमहानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र नीरू गर्ग के समक्ष परिक्षेत्र के जनपदों में दर्ज मानव गुमशुदगी के कतिपय प्रकरणों को लेकर पीड़ित परिजन/वादी द्वारा फरियाद की जा रही थी। जिसमें विवेचनाधिकारी द्वारा उदासीनता व लापरवाही बरतने तथा गुमुशुदा की बरामदगी हेतु सार्थक प्रयास न करने सम्बन्धी शिकायत की गयी।
डीआईजी नीरू गर्ग द्वारा मानव गुमशुदगी की संवेदनशीलता के दृष्टिगत समीक्षा करने पर जनपद हरिद्वार के एक प्रकरण में विवेचना का स्तर निम्न कोटि का पाया गया तथा प्रथम दृष्टया सम्बन्धित विवेचकों की उदासीनता परिलक्षित हुई जिस पर डीआईजी द्वारा संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित पर्यवेक्षण अधिकारी(क्षेत्राधिकारी) का स्पष्टीकरण व विवेचकों के विरुद्ध प्रारम्भिक जांच के आदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को दिये गये।
साथ ही डीआईजी रेंज द्वारा गुमशुदगी के प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही हेतु रेंज के समस्त वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षको को आवश्यक निर्देश निर्गत किये गये।

1- गुमशुदगी को तत्काल दर्ज कराया जाये तथा गुमशुदगी की जाँच/विवेचना त्वरित सम्पादित करायी जाये।

2- गुमशुदा के सम्बन्ध में शीघ्र गुमशुदा के परिजनों से सभी आवश्यक तथ्यों को प्राप्त किया जाये, जैसे-गुमशुदा का किस-किस के साथ आना-जाना रहता था, किसी व्यक्ति पर उनकों शक तो नहीं है, गुमशुदा के मोबाईल नम्बर का विश्लेषण। यदि गुमशुदा के घर के आसपास अथवा निकलने वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों तो उनकी फुटेज भी अवश्य देखी जाये आदि।

3- गुमशुदा के परिजनों के परिजनों से इस आशय की जानकारी भी की जाये कि गुमशुदा का अधिकांश किसके साथ मेल-जोल रहता था उपरोक्तानुसार अग्रिम कार्यवाही करायी जाये।
लावारिश/अज्ञात शवों से भी गुमशुदाओं का मिलान कराया जाये, इसको भी विवेचना में शामिल किया जाये।

4- गुमशुदा के फोटोयुक्त पम्पलेट का वितरण, समाचार पत्रों में प्रकाशन एवं सोशल मीडिया/टेलीविजन के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया कराया जाये। नाबालिग/बालिग बालिकाओं के सम्बन्ध में उनके परिजनों से पूर्व में अनुमति अवश्य प्राप्त कर ली जाये।

5- गुमशुदगी के बरामदगी हेतु हरसम्भव सार्थक प्रयास सुनिश्चित किये जायें।

6- गुमशुदगी के प्रकरणों का सम्बन्धित पर्यवेक्षण अधिकारी द्वारा अपने निकट पर्यवेक्षण एवं कुशल मार्गदर्शन सफल निस्तारण सुनिश्चित कराया जाये।

डीआईजी नीरू गर्ग द्वारा जनहित न्यायहित में यह भी निर्देशित किया गया कि जनपद प्रभारी उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे तथा स्वंय नाबालिग बालक/बालिकओं के गुमशुदगी के प्रकरणों की समीक्षा निरन्तर रुप से करेंगे। भविष्य में गुमशुदगी के किसी भी प्रकरण में शिथिलता/लापरवाही पायी जाती है तो सम्बन्धित विवेचक के साथ ही पर्यवेक्षण अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर तद्नुसार कार्यवाही की जायेगी।

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