लाॅ काॅलेज देहरादून की युवा संसद में पहुँचे 300 से अधिक युवा संसद
7वीं लाॅ काॅलेज देहरादून माॅडल यूनाइटेड नेशन काॅन्फ्रेंस का भव्य उद्घाटन

लाॅ काॅलेज देहरादून की युवा संसद में पहुँचे 300 से अधिक युवा संसद
7वीं लाॅ काॅलेज देहरादून माॅडल यूनाइटेड नेशन काॅन्फ्रेंस का भव्य उद्घाटन
देहरादून 24 अप्रैल:उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लाॅ काॅलेज देहरादून में आज काॅलेज की 7वीं राष्ट्रीय माॅडल यूनाइटेड नेशन काॅन्फ्रेंस का भव्य शुभारम्भ किया गया। 2 दिन चलने वाली इस काॅन्फ्रेंस में 300 से अधिक युवा सांसदों ने भागीदारी की। उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे।
विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा ने बताया कि इस वर्ष लोकसभा, संयुक्त राष्ट्र महासभा,अखिल भारतीय राजनीतिक दल व अंतर्राष्ट्रीय एवं भारतीय मीडिया का गठन किया गया। लोकसभा के समक्ष संविधान (130वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 की विधायी समीक्षाः संघवाद, निर्दोषता की अनुमानित धारणा और संवैधानिक नैतिकता पर विशेष बल, संयुक्त राष्ट्र महासभा के समक्ष 2026 के पश्चिम एशिया के संघर्ष से पैदा हुई आर्थिक अस्थिरता और ऊर्जा संकट को कम करना जबकि अखिल भारतीय राजनीतिक दलों की बैठक में विकसित भारत 2047 योजना की समीक्षाः भारतीय युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने हेतु स्किल इंडिया 2.0 पहल का मूल्यांकन जैसे मुद्दें थे।
अपने सम्बोधन में अशोक वर्मा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और देश की संसद उसका मंदिर है। युवाओं की उत्साहवर्धक भागीदारी और प्रदर्शन देश में भविष्य की स्वस्थ राजनीति का संकेत है। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ राजनीति का महत्व व अपने अनुभव भी साझा किये। पारम्परिक वेशभूषा में पहुचे युवा सांसदों का उत्साह देखते ही बनता था। उन्होंने अपने-अपने किरदारों का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के कार्यकारी निदेशक डा0 अभिषेक जोशी, प्रो0 भावना अरोड़ा, कार्तिक चमोला, अपूर्वा शुक्ला, ईशा शर्मा, शिवम गर्ग, प्रियांश भारद्वाज, हर्षवर्धन द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।




