उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राईम पुलिस देहरादून टीम की एक ओर बड़ी कार्यवाही
ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का खुलासा, गैंग का एक सदस्य महाराष्ट्र से गिरफ्तार
*दिनांक 06.06.2026*
♦️*उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राईम पुलिस देहरादून टीम की एक ओर बड़ी कार्यवाही – ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का खुलासा, गैंग का एक सदस्य महाराष्ट्र से गिरफ्तार।*
♦️*देहरादून निवासी एक नागरिक के साथ साईबर ठगों के द्वारा वादी को इन्वैस्टमैन्ट के नाम बड़ा मुनाफा कमाने का लालच देकर की गयी थी 70 लाख रुपये की ठगी।*
♦️*एस.टी.एफ. की साइबर टीम द्वारा कड़ी से कड़ी जोडकर किया गया साइबर अपराध का अनावरण, शातिर साइबर अपराधी तक पंहुचा हाथ।*
♦️*अपराधियों द्वारा वैध ट्रेडिंग का भ्रम पैदा कर मनगढंत ट्रेडिंग डेटा और मुनाफा दिखाकर डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही थी करोडों की साइबर ठगी।*
♦️*टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही कर शिकायतकर्ता की लगभग 06 लाख रूपये की धनराशि भी करायी गयी होल्ड/सुरक्षित, शीघ्र पीड़ित/वादी के खाते में वापस कराये जाने की कार्यवाही प्रचलित*
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड अजय सिंह द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश निर्गत किये गये हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि देहरादून के राजपुर निवासी नागरिक द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी द्वारा फेसबुक पर Anand Rathi Shares And Stock Brokers Limited नामक इन्वेस्टमेंट विज्ञापन के माध्यम से अज्ञात साइबर ठगों (कथित कावेरी मल्होत्रा मो0 9771834676) के सम्पर्क में आयी, जिनके द्वारा स्वयं को फाइनेंशियल एडवाइजर (Financial Advisor) बताया गया तथा पैसे लगाकर अधिक लाभ कमाने का झांसा दिया गया । जिसके पश्चात अज्ञात साइबर ठगों द्वारा शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप्प ग्रुप W—3 Investment Explorers से जोड़ा तथा एक लिंक https://arpro.us.cc के माध्यम से A R OFFICIAL प्लेटफार्म पर आईडी बनवाकर विभिन्न यूपीआई एवं बैंक खातों में निवेश के नाम पर षडयन्त्र के तहत धनराशि जमा कराकर वादिनी के साथ लगभग 69,90,000/- रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गयी । उक्त शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 23/2026 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट पंजीकृत कर विवेचना निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल के सुपुर्द की गयी । साईबर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए शिकायतकर्ता के 6,26,588/-रुपये की धनराशि भी होल्ड/सुरक्षित करायी गयी। सुरक्षित करायी गयी उक्त धनराशि भी शीघ्र वादी के खाते में वापस कराये जाने की कार्यवाही प्रचलित है।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड अजय सिंह द्वारा अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से साईबर अपराध में संलिप्त अभियुक्त गण को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की गयी । साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त नाबील करीम जवाहिरे पुत्र करीम जवाहिरे निवासी-वर्षा, ए-13, 4 फ्लोर, मॉडेल टाउन, स्वामी समर्थ नगर, आरटीओ रास्ता समोर, फोर बनगलोव्स, अंधेरी वेस्ट, पोस्ट ऑफिस- आजाद नगर, मुंबई महाराष्ट्र, उम्र करीब-38 वर्ष के रूप में की गई जिसके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी इनवैस्टमैन्ट ग्रुप बनाकर लोगों से निवेश के नाम पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। तत्पश्चात साइबर पुलिस टीम द्वारा महाराष्ट्र के वर्सोवा क्षेत्र में दबिश देकर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता–*
1- नाबील करीम जवाहिरे पुत्र करीम जवाहिरे निवासी-वर्षा, ए-13, 4 फ्लोर, मॉडेल टाउन, स्वामी समर्थ नगर, आरटीओ रास्ता समोर, फोर बनगलोव्स, अंधेरी वेस्ट, पोस्ट ऑफिस- आजाद नगर, मुंबई महाराष्ट्र, उम्र करीब-38 वर्ष
*बरामदगी*
01 मोबाइल फोन फोन VIVO कम्पनी मय 02 सिम कार्ड
01 डीएल
02 एटीएम कार्ड बंधन बैंक
01 आधार कार्ड
02 पैन कार्ड
01 वोटर आईडी कार्ड
01 सिम Jio
01 सिम stc
01 चेक बुक बंधन बैंक
*गिरफ्तारी पुलिस टीम-*
1- निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल
2- उ0नि0 मुकेश चन्द
3- हे0का0 दिनेश प्रसाद पालीवाल
4- कानि0 गौरव देवरानी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग हेतु न दें, कमीशन / किराये पर खाता देना अपराध है, ATM कार्ड, OTP, PIN, UPI PIN साझा न करें, अज्ञात धनराशि आने पर तुरंत बैंक/पुलिस को सूचित करें तथा अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना / दस्तावेज दें । यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है । किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों / फर्जी साईट / धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें । साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें ,गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें । तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।




