ब्रेकिंग

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जेड सुरक्षा प्रदान करने संबंधी, सीएम धामी को लिखा गया पत्र निकला फर्जी एसटीएफ़ ने किया केस दर्ज

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी

देहरादून: अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री राधा रतूङी ने बताया कि किसी व्यक्ति को जेड सिक्योरिटी प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कोई पत्र नहीं भेजा गया है।
सोशल मीडिया में चल रहे इस फेक लैटर को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोषी व्यक्ति पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।
पीआईबी की फेक्टचैक द्वारा भी इस पत्र को फेक पाया गया है।

13 जून 2022 को केन्द्रीय गृहमंत्री का जो फर्जी पत्र वायरल किया गया हैं उसमे लिखा गया हैं कि-


“श्री पुष्कर सिंह धामी। मैं राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के आपके प्रयासों की प्रशंसा करता हूं और श्री अजय गुप्ता को जेड सुरक्षा प्रदान करने के लिए आपकी गहरी दिलचस्पी भी प्रशंसनीय है। वर्तमान परिदृश्य में, मैं आपको देहरादून में श्रीमती नूपुर शर्मा के परिवार के लिए उभरते खतरों का गंभीर मूल्यांकन करने और तत्काल आधार पर जेड सुरक्षा प्रदान करने की सलाह देता हूं। मुझे विश्वास है कि आप इस कार्य को अच्छी तरह से और कुशलता से निष्पादित करेंगे। श्री अजय गुप्ता और श्रीमती नुपुर शर्मा दोनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए प्रतीक हैं जो अंततः हमें हिंदू राष्ट्र लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। मुझे आशा है कि आप इस कार्य की संवेदनशील प्रकृति को समझेंगे और अपना प्रमुख महत्व देंगे। आपको और आपकी टीम को मेरी शुभकामनाएं,”

*स्पेशल टास्क फोर्स*
*उत्तराखंड*

एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड मे सोशल मीडिया इंटरवेशंन सैल (SMIC) कार्यरत है । जिसका उदेश्य सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक एंव गलत सूचना प्रसारित होने पर तत्काल प्रभाव से विश्लेषण कर वैधानिक एंव उचित कार्यवाही करना साथ मे इस सैल द्वारा ऐसी किसा भी सोशल मीडिया पोस्ट को अतिशीघ्र उस प्लेट फार्म से हटाना जिससे की समाज मे किसी भी प्रकार की कानून व्यावस्था की समस्या उत्पन्न न हो सकें।

इस क्रम मे आज दिनांक 15.06.2022 को सोशल मीडिया इंटरवेशंन सैल (SMIC) को एक पोस्ट प्राप्त हुई जिसमे गृह मंत्री के लैटर पैड पर एक सशंय पैदा करने वाला एक पत्र लिखा गया था ।
*इस पत्र की प्रथमदृष्टया जांच के उपरान्त प्रतीत होता है की गृह मंत्री भारत सरकार के पत्र का रुपांतरण कर इस प्रकार से समाज मे कानून व्यवस्था बाधित करने हेतु भ्रामक सूचना प्रसारित की गयी है।*
एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा सुसगंत धाराओ मे अभियोग पजींकृत करने की कार्यवाही प्रराम्भ की गयी है साथ ही अपील की गई है की भ्रामक खबर की बिना सत्यता जाने कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार न करें तथा प्रकरण में धारा 468/469/505(1) आईपीसी व 66 C IT act में अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कर लिया गया है।

Related Articles

Back to top button