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विकसित भारत 2047 केवल सरकार का सपना नहींः नितिन नबीन

-विकसित भारत 2047-ट्रांसफॉर्मेटिव रोल ऑफ हायर एजुकेशन” कॉन्क्लेव आयोजित
-महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की पहलों की सराहना की

देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना अब केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प बन चुका है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और युवाओं की ऊर्जा, नवाचार तथा उद्यमिता ही इस लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति होगी।
शनिवार को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित “विकसित भारत 2047 रू ट्रांसफॉर्मेटिव रोल ऑफ हायर एजुकेशन” विषयक अकादमिक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि वे ज्ञान की भूमि बिहार से आते हैं और देवभूमि उत्तराखंड में ज्ञान तथा अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और जनसरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कभी भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, लेकिन लंबे समय तक देश को गरीबी और पिछड़ेपन का सामना करना पड़ा। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों ने देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में नई गति दी है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने विश्व को भारत की क्षमता का परिचय कराया।
नितिन नबीन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में भारत केवल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। देश में सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूती दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद स्टार्टअप और यूनिकॉर्न संस्कृति ने युवा भारत को नई पहचान दी है तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण और राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की पहलों की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को नेतृत्व के अधिक अवसर प्रदान करेगा। साथ ही उत्तराखंड की होमस्टे नीति, ऑल वेदर रोड परियोजना, समान नागरिक संहिता और हरिद्वार कॉरिडोर जैसी पहलों की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और विकसित भारत का सपना प्रत्येक भारतीय का सपना बन गया है। उन्होंने कहा कि “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। विकसित भारत के निर्माण में शिक्षाविदों और प्रबुद्ध वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा अब केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह सकती। कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, बहुविषयक शिक्षा और इन्क्यूबेशन सेंटरों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ गरीबी मुक्त, उत्कृष्ट आधारभूत संरचना वाला, उच्च शिक्षा में अग्रणी तथा नवाचार में विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत है। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।कॉन्क्लेव में राजीव आहूजा, त्रिप्ता ठाकुर तथा प्रकाश सिंह सहित वक्ताओं ने नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और तकनीक आधारित शिक्षा को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की आधारशिला बताया।कार्यक्रम में शिवालिक समूह के चेयरमैन सुनील कुमार, वाइस चेयरमैन अजय कुमार, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, डॉ. दुर्गेश पंत, प्रो. सुरेखा डंगवाल सहित अनेक शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

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