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देहरादून गांधी शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों की प्रसव के बाद महिला के पेट में पट्टियां छोड़ने की घोर लापरवाही पर डबल बैंच ने डीजी हेल्थ उत्तराखंड को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी

देहरादून गांधी शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरो की घोर लापरवाही प्रसव के बाद महिला के पेट में पट्टीयां छोड़ दी जिस कारण महिला की जान का खतरा भी पैदा हो सकता था।

समस्त प्रकरण इस प्रकार हैं कि देहरादून के नेहरू कॉलोनी निवासी रोहित शर्मा की पत्नी संगीता शर्मा का सिजेरियन प्रसव 28 अक्टूबर 2020 को देहरादून के गांधी शताब्दी अस्पताल में हुआ था। डॉक्टरों पर आरोप है कि डिस्चार्ज करते वक्त सही से कोई जानकारी नहीं दी गई अब 10 माह बाद दिक्कत होने पर जांच कराई गई तो पता चला कि पेट में पट्टियां छोड़ी गई है जो 19 और 23 सितंबर को यूट्रस के माध्यम से बाहर निकाली गई, जिसकी वजह से महिला को काफी संक्रमण हो गया है और मरीज को बुखार है। महिला के पति रोहित शर्मा जो मुजफ्फरनगर में नौकरी करते हैं, सप्ताह में आते हैं उन्होंने कहा कि इस लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की मौत भी हो सकती थी
इस संवाददाता द्वारा इस अत्यंत ही गंभीर प्रकरण में मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड में जनहित याचिका दायर कर निवेदन किया गया कि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है गांधी शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों की घोर लापरवाही है, इनकी यह लापरवाही देखते हुए लग रहा है कि अन्य मामलों में भी कही ऐसी लापरवाही ना करते हो, इसलिए इनके विरुद्ध जनहित न्यायहित में कड़ी कार्यवाही के आदेश के साथ उच्च स्तरीय जांच के आदेश कर रिपोर्ट तलब करने की कृपा करें क्योंकि मामला स्पष्ट रूप से घोर लापरवाही कर पीड़ित महिला की जान से खेलने का है।


आयोग द्वारा प्रकरण की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग की डबल बेंच द्वारा शिकायत पर तत्काल सुनवाई की गई और आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति अखिलेश चंद्र शर्मा तथा सदस्य पूर्व आईपीएस राम सिंह मीना द्वारा कार्यवाही करते हुए महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखंड को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में आख्या आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया हैं।

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