बस्ती मंडल में धान खरीद घोटाले की जांच अब सीबीसीआइडी करेगी। शासन से आदेश मिलने के बाद सीबीसीआइडी गोरखपुर की तरफ से विभागों से संबंधित पत्रावली की मांग की गई है। मंडल में करीब साढ़े छह करोड़ से अधिक की वसूली फंसी हुई है। 15 से अधिक सचिवों पर पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। मिलरों पर भी एक करोड़ 17 लाख बकाया है।
बस्ती मंडल के तीनों जिलों में धान खरीद घोटाले (Paddy Procurement Scam) की जांच अब सीबीसीआईडी करेगी। शासन से आदेश मिलने के बाद सीबीसीआईडी गोरखपुर की तरफ से विभागों से संबंधित पत्रावली की मांग की गई है। मंडल में करीब साढ़े छह करोड़ से अधिक की वसूली फंसी हुई है।
15 से अधिक सचिवों पर पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। अनियमितता में पांच अधिकारियों पर पहले कार्रवाई हो चुकी है। छह केंद्र प्रभारियों पर बस्ती के विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज हैं।
धान खरीद वर्ष 2023-24 में सिद्धार्थनगर में सर्वाधिक तीन करोड़ 17 लाख रुपये धान क्रय केंद्रों से जमा नहीं हो सके हैं। बस्ती में एक करोड़ 84 लाख रुपये अभी क्रय केंद्र प्रभारियों जमा नहीं किए हैं। मिलरों पर भी एक करोड़ 17 लाख बकाया है। जबकि संतकबीर नगर में करीब 30 लाख रुपये जमा होने हैं।
इधर विभाग आरसी जारी करके वसूली प्रक्रिया में था, तब तक शासन स्तर से भी जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय एवं विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। बताया था कि विभाग के घोटालेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
इस मामले में बस्ती जनपद के चार मिलरों पर कार्रवाई हो सकती है, जिन्होंने धान ले लिए थे, लेकिन उसके बदले चावल वापस नहीं किए थे। इस मामले में पूछे जाने पर सहायक निबंधक सहकारिता आशीष श्रीवास्तव कहा कि छह केंद्र प्रभारियों के खिलाफ पहले ही आरसी जारी की जा चुकी है। सीबीसीआइडी की तरफ से पत्रावलियां मांगी गई हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ चंद्रशेखर, बस्ती और सिद्धार्थनगर के जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी, लेखाकार आशीष और संतकबीर नगर के प्रभारी जिला प्रबंधक-लेखाकार मुनेश्वर प्रसाद पर निलंबित की कार्रवाई हुई थी। जिला प्रबंधक अमित कुमार, महेंद्र कुमार गर्ग, लेखाकार आशीष, मुनेश्वर कुमार और उमानंद उपाध्याय पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। संतकबीर नगर से महेंद्र कुमार गर्ग सेवानिवृत्त हो चुके हैं।