उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और हिमालयी खूबसूरती को कैमरे में उतारने का सुनहरा अवसर

-राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता में 50 हजार तक जीतने का मौका
देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक लोकजीवन, मेले-त्योहारों, लोक परंपराओं और हिमालय के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड द्वारा राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ‘डिस्कवर उत्तराखंड थ्रू योर लेंस’ थीम पर आधारित इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक पहचान और प्राकृतिक सौंदर्य को तस्वीरों के जरिए देश-दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतियोगिता में देशभर के फोटोग्राफर भाग ले सकते हैं। इसके लिए प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं रखा गया है। उत्तराखंड अपनी विशिष्ट लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों और हिमालयी प्राकृतिक संपदा के लिए विशेष पहचान रखता है। प्रदेश के गांवों की जीवनशैली, स्थानीय रीति-रिवाज, पारंपरिक खानपान, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल और पर्वतीय जनजीवन फोटोग्राफी के लिए विविध विषय प्रस्तुत करते हैं। इस प्रतियोगिता के जरिए इन पहलुओं को रचनात्मक दृष्टिकोण से सामने लाने और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा।
इस संबंध में संस्कृति विभाग के सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट तस्वीरों के लिए पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 50,000, द्वितीय स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को 35,000 और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 25,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सम्माननीय उल्लेख के लिए 10,000 का पुरस्कार भी रखा गया है। वहीं, प्रिंटिंग के लिए चयनित प्रविष्टियों को 5,000 की राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्कृति निदेशालय की इस पहल का उद्देश्य केवल फोटोग्राफी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करना भी है। तस्वीरों के माध्यम से प्रदेश की ऐसी विशेषताओं को सामने लाया जा सकेगा, जो यहां की विशिष्ट पहचान और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन को दर्शाती हैं। सचिव ने बताया कि आयोजन के तहत चयनित तस्वीरों की प्रदर्शनी देहरादून, कोहिमा के हॉर्नबिल फेस्टिवल, नई दिल्ली, लखनऊ सहित अन्य शहरों में लगाए जाने की योजना है। इससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और हिमालयी परिदृश्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। ऐसे कर सकते हैं आवेदनः इच्छुक प्रतिभागी प्रतियोगिता से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन के लिए आयोजकों द्वारा जारी पोस्टर पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक अथवा क्यूआर कोड का उपयोग कर सकते हैं।




