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एक्सक्लुसिव:मित्र मददगार देश भारत के विरुद्ध बोलने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री ओली को उन्हीं की पार्टी ने निकाल बाहर फैंका

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी 

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली जो अधिकतर जब भी चाहे मित्र मददगार पड़ोसी देश भारत के विरूद्द बोलते रहते हैं उनको उनकी अपनी ही पार्टी से निकाल बाहर किया है। ओली के विरोधी खेमे की अगुवाई कर रहे पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड गुट ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के बाद यह कार्रवाई की है। सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने पुष्टि करते हुए कहा कि पीएम ओली की सदस्यता रद्द कर दी गई है। यह फैसला पीएम ओली और उनके समर्थकों की गैरमौजूदगी में हुआ है।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के इस बैठक में ओली गुट के नेता शामिल नहीं हुए थे। ऐसे में प्रचंड समर्थक नेताओं के इस फैसले को पीएम ओली मानने से इनकार कर सकते हैं। पार्टी में विपक्षी धड़े का नेतृत्व कर रहे पुष्प कमल दहल प्रचंड पिछले कई महीने से ओली के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। ऐसे में पहले से ही आशंका जताई जा रही थी कि राजनीतिक अस्थिरता से दोराहे पर खड़ी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी कभी न कभी दो धड़ों में जरूर बंटेगी।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) का गठन 2018 में पीएम ओली और पूर्व पीएम प्रचंड ने मिलकर किया था। उससे पहले प्रचंड की पार्टी का नाम कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट) जबकि ओली के धड़े वाली पार्टी का नाम कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सिस्ट) था। दोनों दलों ने आपस में विलय कर नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी या कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल का गठन किया।

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