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कोरोना वायरस: कोरोना वायरस के मरीजों की पुष्टि गलत, विभागाध्यक्ष को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी

दून मेडिकल कालेज द्वारा कोरोना मरीजों को लेकर जारी किया गया एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें कहा गया है कि मैक्स हॉस्पिटल में कुछ मरीजों में पॉजीटिव कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। इसके लिए फॉरेंसिक मेडिकल विभाग में सुरक्षा सामग्री की मांग की गई है।
4 मार्च को फॉरेंसिक मेडिकल विभाग ने दून मेडिकल कॉलेज देहरादून को पत्र जारी किया है। इस पत्र से देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में हड़कंप की स्थिति है।
हालांकि दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सायना ने इस पत्र को महज लापरवाहीपूर्वक जारी होना बताया। डॉ. आशुतोष ने कहा कि विभाग अध्यक्ष द्वारा पत्र में कोरोना वायरस के मरीजों की पुष्टि होने की बात गलती से लिखी गई है। विभागाध्यक्ष से इसके लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वहीं विभागाध्यक्ष ने भी आवश्यक मेडिकल सामग्री की जरूरत के चलते यह बात गलती से लिखना बताया।
हालांकि जिस तरह से मेडिकल कालेज ने इस पत्र को गलती से जारी होना बता दिया, इससे प्रतीत होता है कि स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना वायरस के डर से लोगों को दूर रखने के लिए पॉजिटिव मरीजों की बात को छुपाने की कोशिश कर रहा है, सूत्रों के मुताबिक एक संदिग्ध मरीज मैक्स अस्पताल में आया था, जिसमें कोरोना के लक्षण पाए गए। उसे दून मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया, दून मेडिकल कॉलेज ने किया पत्र जारी।

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भी 15 संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया था। जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए, जबकि विदेश से आए सात अन्य व्यक्तियों को देख-रेख में रखा गया है।
वहीं दूसरी ओर देहरादून के डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने जनता से सीधे संपर्क में रहने वाले सभी अधीनस्थ अधिकारी/कर्मचारियो को एहतियात बरतते हुए मास्क तथा हैण्ड सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिये गये हैं। पुलिस कर्मियों को संक्रमण से बचाने हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों को पुलिस कर्मियों के लिये विशेष प्रकार के मास्क खरीदने के निर्देश दिये गये हैं, जिन्हें फील्ड में काम करने वाले ऐसे कर्मचारियों, जो सीधे तौर पर जनता के सम्पर्क में आकर उनसे संवाद कायम करते हैं, को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।