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रिवर्स पलायन का नया मॉडल बन रही व्यास वैली, 4 साल में 30 गुना बढ़े टूरिस्ट, बदल रही तस्वीर

देहरादून। उत्तराखंड की व्यास वैली रिवर्स पलायन का मॉडल बनती जा रही है। ऐसा उन आंकड़ों को देखकर कहा जा सकता है जो इस वैली में आने वाले पर्यटकों से जुड़ी है। स्थिति यह है कि इस क्षेत्र में पिछले 4 साल के भीतर ही पर्यटकों की आमद 30 गुना तक बढ़ गई है। जिसके चलते इस क्षेत्र में रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियां काफी तेजी से पनपी हैं। आदि कैलाश और व्यास वैली के दूसरे क्षेत्रों में पिछले कुछ सालों के दौरान जहां तीर्थाटन और पर्यटन करीब ना के बराबर ही माना जाता था वहां आज पर्यटकों और श्रद्धालुओं की जमकर आमद हो रही है। इसके पीछे कोई एक नहीं बल्कि कई वजहें हैं। जिसके कारण अब इस क्षेत्र में रिवर्स पलायन की बेहतर परिस्थितियों दिखाई देने लगी हैं। दरअसल, स्थानीय युवाओं को इस क्षेत्र में बढ़ते टूरिज्म के कारण रोजगार की संभावनाएं दिखने लगी हैं। इसके चलते न केवल यहां से पलायन की चिंता कम हो रही है बल्कि रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
व्यास वैली में आमतौर पर 2021 तक महज एक हजार पर्यटकों का आना रिकॉर्ड किया जाता था, वहीं अब ये आंकड़ा आश्चर्यजनक रूप से 30000 तक पहुंच गया है। यानी पिछले कुछ सालों में पर्यटकों की संख्या 30 गुना तक बढ़ गई है। जाहिर है कि पर्यटकों की आमद बढ़ने से इस क्षेत्र में कई नई संभावनाएं भी खड़ी हो गई हैं। ये संभावनाएं खास तौर पर स्थानीय या कहें की युवाओं के लिए सबसे बेहतर मौका है।
व्यास वैली उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में मौजूद है। यह एक अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब वाली जगह है। हिमालय की गोद में बसी इस शांत वैली में कई महत्वपूर्ण जगहें मौजूद हैं। इस घाटी का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। व्यास वैली का नाम महर्षि व्यास के नाम पर रखा गया है। माना जाता है कि इस क्षेत्र में महर्षि व्यास ने गहन तपस्या की थी। ऐतिहासिक रूप से देखें तो इस क्षेत्र को तिब्बत के साथ भारत के पौराणिक व्यवसाय के महत्व के रूप में भी जाना जाता है। माना जाता है कि पहले व्यापारी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते थे। यहां पर कई मंदिर और पुराने मठ भी मौजूद हैं।
साहसिक खेल के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं का कहना है कि इस वैली में राज्य सरकार की तरफ से अच्छा काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा यहां साहसिक खेलों के क्षेत्र में बेहद ज्यादा संभावनाएं है। यहां पर सभी तरह के प्रयास किये जाने चाहिए। जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा किये जा सके। फिलहाल उत्तराखंड सरकार भी व्यास वैली में साहसिक खेलों के लिए कुछ नए प्रयोग कर रही है। जिससे यहां पर इन गतिविधियों को बढ़ाकर पर्यटकों की संख्या को बढ़ाया जा सके। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में होमस्टे को लेकर लोगों का रुझान बढ़ा है। मौजूदा समय में स्थानीय लोगों ने कई होमस्टे सरकार की मदद से तैयार किए हैं। इतना ही नहीं एडवेंचरस स्पोर्ट्स के लिए कई गाइड और प्रशिक्षित युवाओं को भी यहां तैयार किया जा रहा है।

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