उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम देहरादून टीम की बड़ी कार्यवाही
इन्वेस्टमेन्ट के नाम पर लाखो की धोखाधड़ी करने वाले साइबर अभियुक्त को हरियाणा से किया गिरफ्तार
*दिनांक 06.05.2026*देहरादून*
♦️*उत्तराखण्ड एस०टी०एफ० की साइबर क्राइम देहरादून टीम की बड़ी कार्यवाही – इन्वेस्टमेन्ट के नाम पर लाखो की धोखाधड़ी करने वाला साइबर अभियुक्त को सोनीपत, हरियाणा से किया गिरफ्तार*
♦️*साईबर अपराधी के द्वारा वादी को इन्वैस्टमैन्ट के नाम बड़ा मुनाफा कमाने का लालच देकर की गयी 27 लाख रुपये की ठगी ।*
♦️*एस.टी.एफ. की साइबर टीम द्वारा कड़ी से कड़ी जोडकर किया गया साइबर अपराध का अनावरण, शातिर साइबर अभियुक्त तक पंहुचा एस.टी.एफ. का हाथ*।
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में अजय सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश निर्गत किये गये हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि प्रेमनगर देहरादून के निवासी नागरिक द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक जुलाई 2025 को शिकायतकर्ता के WhatsApp पर एक अज्ञात महिला (कथित माया शर्मा) द्वारा फोन से सम्पर्क कर ऑनलाईन कार्य कर पैसे कमाने का लालच देकर एक टेलीग्राम पेज digit trade data operationin से जोडा और DIGIT TRADE PVT . LIMITED कम्पनी से यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करने के लिये कहा, जिसके झांसे में आकर शिकायकर्ता द्वारा अपने व अपनी मां के खाते से विभिन्न व्यक्तियों के खातों में जमा करवाकर कुल 27,38,500/- रुपये की धोखाधड़ी की गयी । कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वंय के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 29/2025 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट पंजीकृत किय़ा गया।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड अजय सिंह द्वारा अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराध अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की।
साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त विनोद पुत्र रामकुमार/रामकुवर निवासी हाउस नंबर 114, वार्ड नंबर 5, नियर न्यू गौशाला, सुंदर सवारी, सोनीपत, हरियाणा उम 39 वर्ष के रूप में की गई जो अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी वर्क फ्रॉम होम ग्रुप बनाकर लोगों से निवेश के नाम पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। अभियुक्त के खाते से उक्त धोखाधड़ी से सम्बन्धित 08 लाख रुपये चैक के माध्यम से निकासी की गयी थी।
*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता–*
1- विनोद पुत्र रामकुमार/रामकुवर निवासी हाउस नंबर 114, वार्ड नंबर 5, नियर न्यू गौशाला, सुंदर सवारी, सोनीपत, हरियाणा उम 39 वर्ष
*गिरफ्तारी पुलिस टीम-*
1- निरीक्षक राजेश सिंह
2- कानि0 सोहन बडोनी
3- कानि0 हरेन्द्र भण्डारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग हेतु न दें, कमीशन/किराये पर खाता देना अपराध है, ATM कार्ड, OTP, PIN, UPI PIN साझा न करें, अज्ञात धनराशि आने पर तुरंत बैंक/पुलिस को सूचित करें तथा अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना/दस्तावेज दें । यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है । किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों / फर्जी साईट / धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें । साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें । गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें । तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।




