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उत्तराखण्ड एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट के सरगना को आगरा से किया गिरफ्तार

दिनांक 27-02-2025

*उत्तराखण्ड एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट के सरगना को आगरा से किया गिरफ्तार*

 *उत्तराखण्ड एसटीएफ के साईबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट के सरगना को आगरा उत्तर प्रदेश से किया गिरफ्तार ।*

 *पीडित को व्हाटसप / स्काईप एप से कॉल कर मनी लॉण्ड्रिंग से सम्बन्धित केस में फंसाने की धमकी देकर अलग-अलग खातों में जमा करवायी गयी धनराशि ।*

 *पीडित को लगभग18 दिनों तक एक ही कमरे में वीडियो / आडियों कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट / बंधक बनाकर रखा गया था जिस दौरान पीडित को किसी से सम्पर्क नहीं रखने हेतु बनाया जाता था दबाव ।*

 *पीडित को अपने झांसे में लेने के लिये स्काईप एप पर ही आरबीआई, सीबीआई के नाम पर नोटिस किये गये थे प्रेषित ।*

 *पीडित को उनके आधार कार्ड पर सिम खरीदने एवं उससे अवैध लेने देन की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट कर अलग-अलग खातों में कुल 47 लाख रूपये की धोखाधडी की गयी ।*

 *अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त 01 अदद मोबाइल फोन, 01 सिम कार्ड, 01 आधार कार्ड ।*

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 नवनीत सिंह भुल्लर* द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि एक प्रकरण जनपद नैनीताल निवासी पीड़ित द्वारा दिसम्बर 2024 में दर्ज कराया जिसमें उनके द्वारा माह दिसम्बर 2024 में उन्हें व्हाटसप व स्काईप एप पर अज्ञात नम्बरों से कॉल कर उनके आधार कार्ड पर सिम लेकर उससे अवैध लेन-देन की बात कहकर मनी लॉण्ड्रिंग से सम्बन्धित अभियोग दर्ज होने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट कर उपलब्ध कराये गये विभिन्न बैंक खातो में लगभग 47 लाख रुपये की धनराशी धोखाधड़ी से जमा करायी गयी । 

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिसअधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड नवनीत सिंह भुल्लर के दिशा निर्देशन में *विवेचना अरूण कुमार प्रभारी निरीक्षक, साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, कुमाऊँ परिक्षेत्र, रूद्रपुर* के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । प्राप्त निर्देशों के क्रम में साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप / सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किये गये ।

तत्पश्चात पुलिस टीम द्वारा तकनीकी / डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के मास्टर मांइड व मुख्य आरोपी अमन कुशवाहा पुत्र विनोद कुशवाहा निवासी म0नं0 26/133, मंगलेश्वर ताल के पास, गोकुलपुरा, थाना लोहामण्डी, जनपद आगरा उत्तर प्रदेश को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की तथा गिरफ्तारी हेतु कई स्थानो पर दबिशें दी गयी । साईबर टीम की मेहनत एवं प्रयास से तकनीकी संसाधनों का प्रयोग करते हुये साक्ष्य एकत्रित कर अभियोग में प्रकाश में आये अभियुक्त अमन कुशवाहा निवासी उपरोक्त को कमिश्नरेट थाना लोहामण्डी आगरा से गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त 01 अदद मोबाइल फोन, 01 सिम कार्ड एवं 01 आधार कार्ड बरामद किया गया है । 

*अपराध का तरीका*

साईबर अपराधियों द्वारा पीडित को व्हाटसप / स्काईप एप के माध्यम से वीडियो / आडियो कॉल कर उन्हें उनके आधार कार्ड से सिम कार्ड जारी सिम होने की बात कहकर एवं उस सिम के द्वारा अवैध लेन-देन की बात कहकर, मनी लॉण्ड्रिंग के आरोप में फंसाये जाने की बात कह कर उन्हें डिजिटली अरेस्ट कर लिया जाता था, जिसके लिए साईबर अपराधियों द्वारा व्हाटसप व स्काईप एप का प्रयोग किया जाता था पीडित को एजेन्सियों का भय दिखाने के लिये उनको आरबीआई, सीबीआई के नाम पर एप से ही नोटिस भेजे जाते थे जिससे पीडित में भय बना रहे । डिजिटल अरेस्ट की अवधि के दौरान पीडित को अपने किसी रिश्तेदार, सहकर्मी व परिवारजनों के साथ सम्पर्क में नहीं रहने की हिदायत दी जाती थी । तथा गिरफ्तार करने की धमकी दी जाती थी । डिजिटल अरेस्टिंग के दौरान अभियुक्त द्वारा पीडित को बताये गये फर्जी खातों में धनराशि स्थानान्तरित करने को बोला जाता था तथा रजिस्टर्ड मनी लॉण्ड्रिंग के केस से बचा लेने व खातों में भेजी गयी धनराशि को रिफाईन करने के पश्चात वापस करने का झांसा दिया जाता था । जिससे पीडित साईबर अपराधियों के झांसे में आकर उनके बताये गये खातों में धनराशि जमा कर देते थे । परन्तु पीडित को स्वयं के साथ हो रही साईबर धोखाधड़ी का अंदेशा नही हो पाता था । अपराधियों द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को अन्य खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था । घटना के पश्चात पीडित को अत्यधिक मानसिक अवसाद व आर्थिक नुकसान का सामना करना पडा । साईबर पुलिस देश भर में विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों के सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क कर रही है।

प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खाते का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र 01 माह से कम समय में ही लाखों रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है । जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के विरुद्ध देश के कई राज्यों में कुल 03 साईबर अपराधों की शिकायतें निम्नवत दर्ज हैं ।

S.No Complaint No State District Police Station

1 22512240023943 PUNJAB POLICE COMMISSIONERATE LUDHIANA MODAL TOWN

2 23212240068153 WEST BENGAL KOLKATA POLICE CYBER HQ CYBER PS

3 33512240021645 UTTARAKHAND NAINITAL MALLITAL

गिरफ्तार व्यक्ति का नाम व पता- अमन कुशवाहा पुत्र विनोद कुशवाहा निवासी म0नं0 26/133, मंगलेश्वर ताल के पास, गोकुलपुरा, थाना लोहामण्डी, जनपद आगरा उत्तर प्रदेश

गिरफ्तारी का स्थान- आगरा, उत्तर प्रदेश

दिनाँक गिरफ्तारी -25-02-2025 ।

बरामदगी- 

1- 01 मोबाइल फोन 2- 01 सिम कार्ड 3- 01 आधार कार्ड

*गिरफ्तारी पुलिस टीम*

1- प्रभारी निरीक्षक अरूण कुमार

2- अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला

3- हे0का0 मनोज कुमार 

4- हे0कानि0 सोनू पाण्डेय

*टैक्निकल टीम*

1- कानि0 रवि बोरा

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड नवनीत सिंह भुल्लर* द्वारा जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों/फर्जी साईट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । फोन पर यदि कोई अन्जान व्यक्ति स्वयं को पुलिस अधिकारी, वकील, न्यायिक अधिकारी बताता है तो उसकी बातों पर भरोसा न करें । साथ ही, सभी से अपील है कि वे फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें व किसी भी अन्जान व्यक्ति के सम्पर्क में न आये अथवा न ही किसी भी अन्जान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें। किसी भी अन्जान कॉल आने पर लालच में न आये, अन्जान कॉलर की सत्यता की जांच करे बिना किसी भी प्रकार की सूचना / दस्तावेज न दें । किसी भी प्रकार के ऑनलाईन जॉब हेतु एप्लाई कराने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण वैरीफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें।

आजकल सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। यह स्कैम्स सस्ती वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कहीं भी पैसा कमाने के चक्कर में इन्वेस्ट ना करेंव शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें ।

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