उत्तराखंड में नीति निर्माण को मिलेगी विशेषज्ञों की नई दिशा
USCPPGG के शासी निकाय में 10 विशेषज्ञ नामित
उत्तराखंड में नीति निर्माण को मिलेगी विशेषज्ञों की नई दिशा
USCPPGG के शासी निकाय में 10 विशेषज्ञ नामित

मुख्यमंत्री ने विधायक, पूर्व मुख्य सचिव,शिक्षाविदों, चिकित्सक एवं नीति विशेषज्ञों को दी जिम्मेदारी सतत विकास और समावेशी विकास के लिए समय-समय पर देंगे नीतिगत सुझाव

राज्य के सतत विकास, प्रभावी नीति निर्धारण और समावेशी विकास को गति देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (USCPPGG) के शासी निकाय में मुख्यमंत्री द्वारा 10 महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों एवं विशेषज्ञों को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस का गठन वर्ष 2017 में राज्य में नीति निर्माण एवं नियोजन को प्रभावी बनाने तथा समावेशी विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था। राज्य के प्राथमिकता वाले विषयों पर नीतिगत एवं रणनीतिक सुझाव तथा दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञों को शासी निकाय में शामिल किया गया है।
शासी निकाय में उमेश शर्मा काऊ विधायक उत्तराखंड, डॉ. प्रमोद नैनवाल,विधायक उत्तराखंड,एन. रविशंकर, पूर्व मुख्य सचिव उत्तराखंड,डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप, कुलपति, पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक एवं CEO, AIIMS ऋषिकेश,डॉ.चरण सिंह, CEO-EGROW Foundation,नोएडा,प्रो. (डॉ.) आशीष पाण्डे, IIT रुड़की,प्रो. (डॉ.) आर.पी. ममगाईं, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, दून विश्वविद्यालय,देहरादून,डॉ. अतुलन गुहा, प्रोफेसर, IIM काशीपुर तथा अध्यक्ष उत्तराखंड स्टेट चैप्टर FICCI देहरादून को सदस्य नामित किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि उक्त महानुभावों एवं विशेषज्ञों से समय-समय पर आयोजित बैठकों में उनके व्यापक अनुभव के दृष्टिगत नीतिगत सुझाव अपेक्षित हैं।
नीति निर्माण में विशेषज्ञता का होगा उपयोग
विशेषज्ञों के इस समूह में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले पूर्व वरिष्ठ अधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, उच्च शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ, स्वास्थ्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, अर्थशास्त्री एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं। ऐसे में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभव को राज्य की विकास नीतियों से जोड़ने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
USCPPGG के माध्यम से राज्य के प्राथमिकता वाले विषयों पर विशेषज्ञों की राय लेकर सरकार को नीति निर्माण एवं नियोजन में अधिक व्यावहारिक और परिणामपरक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे।
सरकार और विशेषज्ञों के बीच बनेगा बेहतर समन्वय
शासी निकाय में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी लोगों को शामिल किए जाने से नीति निर्माण में जमीनी अनुभव, प्रशासनिक समझ, शैक्षणिक विशेषज्ञता और आर्थिक दृष्टिकोण के समन्वय की उम्मीद है। इससे उत्तराखंड की विकास संबंधी नीतियों को और अधिक प्रभावी एवं दूरगामी बनाने में मदद मिल सकती है।




