यूपी के औरैया में प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतारने वाली प्रगति के बारे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। प्रगति और अनुराग की लव स्टोरी की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी। दिलीप से शादी होने की वजह से वह अनुराग से नहीं मिल पा रही थी इसलिए उसकी हत्या करवा दी। अब प्रेमी के साथ जेल की सलाखों के पीछे है।
कोरोना काल में शुरू की प्रगति व अनुराग की प्रेमकथा के बीच आए पति की साजिश रचकर हत्या करा दी गई। प्रेमी व पत्नी की गिरफ्तारी के बाद दोनों की प्रेमकथा का अंत इटावा जेल में हो गया।
जनपद मैनपुरी थाना भोगांव के गांव नगला दीपा व वर्तमान में दिबियापुर के औरैया रोड पर मकान बनाकर रह रहे दिलीप 19 मार्च को जनपद कन्नौज थाना इंदरगढ़ के गांव उर्मदा निवासी सत्यप्रकाश के फार्म हाउस में काम करने गया। दोपहर करीब एक बजे काम खत्म होने के बाद उसने भाई संदीप को जानकारी दी और वहां से चल दिया।
बेला से निकली पटना नहर के पास स्थित एक ढाबा के पास हाइड्रा से आ रहे चालक दिलीप यादव को बाइक सवार तीन युवकों ने रोक लिया। काम दिखाने के लिए बहने सहार के गांव पालिया से निकली पटना नहर उसे ले जाकर उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। बाद में कनपटी से सटाकर एक आरोपित उसके सिर में गोली मार दी। उसे मरा समझकर आरोपित वहां से फरार हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उसे बेहोशी की हालत में बिधूना सीएचसी ले गए। वहां से सैफई के लिए रेफर कर दिया गया था। आराम न मिलने के बाद स्वजन उन्हें ग्वालियर व आगरा ले गए। वहां डॉक्टर ने मना करने पर स्वजन दोबारा 20 मार्च की रात करीब एक बजे चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाई अक्षय ने गोली मारकर हत्या का आरोप लगाते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
इधर, घटना के बाद थाना पुलिस व स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने ढाबा पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। जिसमे तीन युवक एक बाइक से दिलीप को ले जाते दिखाई दिए। उनकी पहचान के बाद पुलिस की तीन टीमों ने आरोपितों को ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया। 24 मार्च को पुलिस टीम ने हरपुरा मोड़ से रामजी नागर व अनुराग को गिरफ्तार कर लिया।
कड़ाई से पूछताछ होने पर अनुराग ने सबकुछ उगल दिया। पूछताछ में बताया कि अनुराग ने बताया कि हाइड्रा चालक दिलीप की पत्नी प्रगति से उसका करीब पांच वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच प्रगति की शादी उसके जीजा के भाई यानी हाइड्रा चालक से हो गई। मायके आने के बाद अनुराग व प्रगति के बीच फोन पर बातचीत हुई।
17 मार्च को वह शहर से निकले हाईवे स्थित होटल में मिले। यहां दोनों ने दिलीप की रास्ते से हटाने व उसके पैसों से ऐश करने की साजिश रची। इसके बाद हत्या के लिए उसने अपने मौसी के बेटे के माध्यम से सुपारी किलर रामजी नागर से मिला। दोनों के बीच दो लाख रुपये की बात हुई। अनुराग ने कुछ रुपये प्रगति व कुछ अपने पास से जोड़कर एक लाख रुपये रामजी को पहुंचाए और शेष रुपये काम होने के बाद देने की बात तय हुई।
हत्या में पत्नी के शामिल होने की जानकारी के बाद पुलिस ने प्रगति को मैनपुरी के गांव नगला दीपा स्थित ससुराल से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। 24 मार्च की रात कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें इटावा जेल भेज दिया गया। पूछताछ में मौसी के बेटे व दो अन्य का नाम सामने आया। पुलिस की टीम अब उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस आरोपितों के करीब पहुंच चुकी है। जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हाइड्रा चालक की हत्या की घटना को अंजाम देने वाला रामजी नागर का प्रेम नगर गांव में बाहर की तरफ झोपड़ी रखी है। उसके पिता महेश की मौत हो चुकी है। घर में मां व भाभी रहती हैं। जेल से छूटने के बाद वह मां के साथ नशे में गाली-गलौज करता था। वह बेहद गरीब परिवार से था। करीब चार माह पहले लूट के मामले में जेल गया था। 12 मार्च को ही जमानत पर छूटकर आया था।
वर्ष 2017 में उसने गैंग के साथ दो लूट व एक चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के साथ अपराध की दुनिया में कदम रखा था। पुलिस ने पकड़ कर उसे जेल भेज दिया था। बाद में इसी वर्ष उसके खिलाफ गैंग्सटर की कार्रवाई भी की गई थी। दो वर्ष बाद वर्ष 2019 में वह जेल से छूट गया था। इसके बाद 2023 में फर लूट की घटना को अंजाम दिया। एक साल पहले अछल्दा पुलिस ने उसके खिलाफ फिर गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई की।
प्रेमी अनुराग के पास एक ट्रैक्टर ट्राली, उसके अन्य उपकरण व पांच भैंस के साथ ठीक-ठाक खेती भी है। दो बहनों में इकलौता बेटा है। अपने दोस्तों की कार व स्पोर्ट बाइक से गांव व आसपास के लोगों में रौब गांठता था।
मृतक दिलीप के भाई अक्षय बताया कि तीन दिन में हमारे घर रुकी थी। ऐसे में एक लाख रुपये नहीं मिले है। मुझे ऐसा नहीं लग रहा है, कि एक लाख रुपये तीन दिन में मिल जाएंगे। बताया कि प्रगति 10 मार्च को निकल गई थी। सारा जेवर लेकर गई थी। अब प्रगति के परिवार वालों ने मुझसे बोला है कि आपके जेवर सुरक्षित है। उसकी मां (प्रगति की) ने मुझे बताया कि घर के जेवरात नहीं मिल रहे है। हो सकता है। उसे बेच दिए हो और रुपये दे दिए हो।
उन्होंने बताया कि प्रगति के परिवार की सिर्फ बहन पारुल ही हमारे घर में है। उसके परिवार परिवार का कोई भी सदस्य घर में नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रगति की एक रिश्तेदार औरैया में रहता है। 17 मार्च को प्रगति मां से सांई मंदिर जाने की बात कहकर गई थी। वहां पर उसकी एक सेहली थी। सहेली से कहा था कि वह जीजा(दिलीप) से बात करने जा रही है।