एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की निगरानी में बड़ी कार्रवाई
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़, एसटीएफ ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़, एसटीएफ ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
BotBro, BotAlpha समेत कई संदिग्ध ऑनलाइन कंपनियों के जरिए उत्तराखंड के लोगों को बनाया जा रहा था निशाना, विदेश यात्रा और मोटे मुनाफे का दिया जाता था लालच

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की निगरानी में बड़ी कार्रवाई, 10 से 15 हजार लोगों से जुड़ी मिली आरोपी कविता परमार की रोबो आईडी; विदेश में बैठे कथित मास्टरमाइंड लविश चौधरी की तलाश सहित नेटवर्क की जांच जारी।
देहरादून, 05 नवंबर 2026। उत्तराखंड में ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तराखंड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों नवीन सिंह नेगी और कविता परमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि BotBro, BotAlpha, QFX, Cross Market, Mine Crypto, Meta Trade 5, Financial Freedom और TLC Coin जैसी ऑनलाइन कंपनियों के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे, कम समय में अमीर बनने और विदेश यात्राओं का लालच देकर निवेश कराया जा रहा था।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री के निर्देशों एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के मार्गदर्शन में इस प्रकरण की जांच के लिए एसटीएफ के अधीन विशेष अन्वेषण दल (SIT) गठित किया गया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में मामले की विवेचना और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। एसटीएफ द्वारा विभिन्न जनपदों में दर्ज मुकदमों की एकीकृत जांच करते हुए बैंक खातों, निवेशकों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
10 से 15 हजार लोगों से जुड़ी थी कविता परमार की रोबो आईडी
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार कविता परमार वर्ष 2022 से QFX कंपनी से जुड़ी हुई थी। वह कंपनी में सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव के पद तक पहुंच गई थी। पूछताछ के अनुसार उसकी रोबो आईडी में लगभग 10 से 15 हजार लोग जुड़े हुए थे। उसे कथित तौर पर कंपनी से प्रतिमाह लगभग 1,000 डॉलर का लाभ मिलता था।
कविता परमार ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच कंपनी के सेमिनारों में शामिल होने के लिए मलेशिया, थाईलैंड, दुबई और वियतनाम की लगभग 12-13 यात्राएं कीं। इन यात्राओं का खर्च कंपनी द्वारा वहन किए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
विदेश में बैठा लविश चौधरी बताया जा रहा मुख्य आरोपी
एसटीएफ की जांच में विदेश में बैठे लविश चौधरी की भूमिका सामने आई है, जिस पर BotBro और BotAlpha सहित कई ऑनलाइन कंपनियों के माध्यम से निवेश का नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। गिरफ्तार नवीन सिंह नेगी वर्ष 2022 से QFX कंपनी से जुड़ा था और बाद में लोगों को BotBro तथा BotAlpha जैसी कंपनियों में निवेश के लिए प्रेरित कर रहा था। वह कंपनी में किंग लेवल पोजीशन का पोर्टफोलियो धारक बताया गया है।
BotBro बंद होने के बाद RISENWAYS के नाम से नया नेटवर्क
जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया कि BotBro कंपनी बंद होने और उसके विरुद्ध विभिन्न मुकदमे दर्ज होने के बावजूद नवीन सिंह नेगी द्वारा RISENWAYS नाम से नई ऑनलाइन कंपनी का प्रचार किया जा रहा था। आरोप है कि Zoom Meeting के माध्यम से लोगों को फिर से ऑनलाइन बिजनेस से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था।
निवेशकों को डॉलर के रूप में दिखाई जाती थीं केवल संख्याएं
पूछताछ में कविता परमार द्वारा बताया गया कि निवेशकों से कंपनी के बैंक खातों में जमा कराई गई धनराशि के बदले उनके ऑनलाइन खातों में डॉलर के रूप में केवल संख्याएं प्रदर्शित की जाती थीं, जबकि वह वास्तविक धनराशि नहीं होती थी। इस खुलासे से पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
RBI और SEBI में पंजीकृत नहीं थीं कंपनियां
एसटीएफ की जांच में संबंधित कंपनियों का भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) में पंजीकृत न होना सामने आया है। पुलिस ने निवेशकों के धन के वास्तविक स्रोत, बैंक खातों, नकद लेन-देन, क्रिप्टोकरेंसी और विदेश में बैठे आरोपियों की भूमिका की जांच तेज कर दी है।
दो मोबाइल फोन बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध दर्ज मामलों में कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने दो मोबाइल फोन (एक विवो और एक ओप्पो) बरामद किए हैं। इनमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, बैंकिंग विवरण, व्हाट्सएप चैट, ट्रेडिंग खातों और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की संभावना है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की आम जनता से अपील
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर अत्यधिक मुनाफे, विदेश यात्रा अथवा कम समय में धन दोगुना करने का लालच देने वाली अनधिकृत कंपनियों और व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले संबंधित कंपनी की वैधानिकता और नियामक संस्थाओं में उसके पंजीकरण की जांच अवश्य करें।
एसटीएफ की इस कार्रवाई से ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रहे कथित ठगी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है। अब देखना होगा कि जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और विदेश में बैठे कथित मुख्य आरोपी तक पुलिस कब पहुंचती है।



