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विशेष:किस्मत के मारे निःसन्तान बेसहारा दम्पति की मदद को आगे आया आयोग जनप्रतिनिधियों नेताओँ ने फेरी पीठ

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी

अत्यंत ही ग़रीबी और किस्मत के मारे निसंतान बुजुर्ग दंपति इनका पहले लॉकडाउन में काम छूट गया बाकी बचा खुचा विकराल बरसात ने किया तबाह और राजनीतिक दलों के नुमाइंदे जनप्रतिनिधि आये अपनी शक्लें दिखाने परन्तु मदद किसी ने नहीं की मदद का फर्ज निभाया तो पड़ोसियों ने और विकराल बारिश में फंसे हुए सरदार जी की जान बचाई उनकी धर्मपत्नी,एसडीआरएफ वालों ने और पुलिसकर्मियों नें।

सम्पूर्ण वाक्य यह है कि उत्तराखंड के जिला देहरादून के क्षेत्र गोविंदगढ़ में बिंदाल नदी के पास किराए पर रहने वाले बुजुर्ग सरदार लखविंदर सिंह और उनकी पत्नी हरविंदर कौर अत्यन्त ही गरीबी में गुजर-बसर कर रहे हैं,उनकी कोई संतान भी नहीं है । सरदार लखविंदर सिंह दिहाड़ी पर काम करते थे और उनकी पत्नी हरविंदर कौर एक ब्यूटी पार्लर में नौकरी करती थी लॉकडाउन की वजह से दोनों का काम भी छूट गया ऐसे में उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट आ गया कुछ दिन पूर्व सरदार लखविंदर सिंह कहीं पर गार्ड की नौकरी मांगने गए तो वहां गिर जाने से उनकी रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोट लग गई तब से वह बिस्तर पर पड़े हुए हैं । इस निसंतान बुजुर्ग दंपत्ति के सामने इलाज व खाने-पीने का घोर संकट आ खड़ा हुआ ।


दिनांक 15-8-2020 को आई अत्यधिक बारिश ने इनकी गरीबी को और पानी में डुबो कर सारी कसर पूरी कर दी बारिश के कारण घर में जो थोड़ी बहुत चीजें पड़ी थी वह भी तहस-नहस हो गई जो थोड़ा बहुत राशन था वह भी बारिश का पानी अपने साथ बहा ले गया साथ ही बुजुर्ग सरदार जी जो चोट लगने के कारण बिस्तर पर पड़े हुए थे उनको उनकी पत्नी घर में लगभग 5 फीट भरे हुए पानी से बहुत ही मुश्किल से बचाकर छत पर ले गई काफी देर छत पर भीगने के बाद सूचना मिलने पर एसडीआरएफ के जवान और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें छत से उतारकर पड़ोसियों के यहां पहुंचाया ।


इस अत्यंत की संवेदनशील और गंभीर मामले में इस संवाददाता द्वारा मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड में याचिका दायर कर निवेदन किया गया कि मामला बहुत ही गंभीर और संवेदनशील है क्योंकि किस्मत की मार झेल रहे निसंतान पीड़ित बुजुर्ग दम्पति की स्थिति बहुत ही दयनीय और खराब है उनके पास अब एक वक्त के खाने का भी नहीं बचा है इसलिए जनहित न्यायहित में तत्काल इनकी आर्थिक एवं अन्य प्रकार से हर प्रकार की मदद हेतु आदेश करने की कृपा करें ।
आपको इन पीड़ित बुजुर्ग दंपति की बहुत ही बड़ी दुआ लगेगी ।
आयोग में इस अत्यंत ही गंभीर मामले की सुनवाई डबल बेंच में की गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग के सदस्यों न्यायमूर्ति अखिलेश चन्द्र शर्मा तथा आर.एस. मीना द्वारा जिलाधिकारी देहरादून को आदेश जारी कर निःसंतान बेसहारा बुजुर्ग दम्पति की मदद सहायता हेतु आदेशित किया गया है ।
इस संवाददाता द्वारा आमजन के हित में मानवाधिकार आयोग के आदेशों पश्चात इस अत्यंत गंभीर मामले में तत्काल क्या कार्रवाई की गई उसका सूचना के अधिकार के अंतर्गत आवेदन कर की गई कार्यवाही के संबंध में भी फॉलोअप किया जाएगा।
इस संवाददाता द्वारा बुजुर्ग दंपत्ति से जब बात की गई तो सरदारनी हरविंदर कौर द्वारा बताया गया कि हमारी अभी तक किसी भी नेता जनप्रतिनिधि ने मदद नहीं की है । सब दिखावे के तौर पर आए और चले गए कुछ मदद की है तो वह भी पड़ोसियों ने और हमारी स्थिति अभी भी बहुत ही खराब है वास्तव में ही अगर सोचा जाए तो स्थिति बहुत ही गंभीर है क्योंकि बेचारे एक तो निसंतान बेसहारा ऊपर से सर पर अपनी छत नहीं क्या हालात होंगे परंतु अब पूरी कोशिश है कि इस दंपत्ति की जितनी भी हो सकेगी जिलाधिकारी देहरादून के यहां से मदद करवाई जाएगी ।

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