Human Rights

पुलिस प्रताड़ना से युवक की आत्महत्या मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त

आयोग की सख्त टिप्पणी “यह निश्चित ही गंभीर विषय है”

पुलिस प्रताड़ना से युवक की आत्महत्या मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त

 भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी की जनहित शिकायत पर SSP पौड़ी से मांगी रिपोर्ट

आयोग की सख्त टिप्पणी “यह निश्चित ही गंभीर विषय है”

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देहरादून, 20 मई।

जनपद पौड़ी गढ़वाल के सतपुली क्षेत्र में कथित पुलिस प्रताड़ना से आहत होकर एक 21 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में सामाजिक, आरटीआई एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी द्वारा उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग, देहरादून में जनहित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत पर आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पौड़ी गढ़वाल से विस्तृत आख्या तलब की है।

शिकायत में कहा गया कि मृतक युवक ने आत्महत्या से पूर्व सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सतपुली थाना पुलिस एवं थानाध्यक्ष पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न तथा दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। युवक ने वीडियो में अपनी चोटें भी दिखाईं तथा अपनी संभावित मृत्यु के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। बाद में युवक ने पुल पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

शिकायतकर्ता भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी ने आयोग को अवगत कराया कि युवक ने अपने कथित सुसाइड नोट/वीडियो में सतपुली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस बिना पूरी बात सुने लोगों के साथ मारपीट करती है तथा इंसानियत का व्यवहार नहीं करती। शिकायत में इसे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा मामला बताते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

शिकायत में मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा देने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु पुलिस कार्यप्रणाली में मानवाधिकार प्रशिक्षण और निगरानी तंत्र मजबूत करने की भी मांग की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरधर सिंह धर्मशक्तू ने 15 मई 2026 को आदेश पारित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि “यह निश्चित ही गंभीर विषय है।” आयोग ने शिकायत एवं समाचार पत्रों की प्रतियां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पौड़ी गढ़वाल को प्रेषित कर नियत तिथि तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की अगली सुनवाई हेतु 27 अगस्त 2026 की तिथि नियत की गई है।

यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है तथा स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त बताया जा रहा है।

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