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एसएसपी देहरादून अजय सिंह के निर्देश पर दून पुलिस का संवेदनशील एक्शन: 2 दिन के लावारिस नवजात बच्ची का रहस्य सुलझा

एसएसपी देहरादून अजय सिंह के निर्देश पर दून पुलिस का संवेदनशील एक्शन: 2 दिन के लावारिस नवजात बच्ची का रहस्य सुलझा

देहरादून: थाना क्लेमेंटाउन क्षेत्र में एक नवजात शिशु के लावारिस हालत में सड़क किनारे पाए जाने के संवेदनशील मामले में देहरादून पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रकरण का खुलासा कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने गहन जांच के बाद नवजात बच्ची को छोड़ने वाले माता-पिता की पहचान कर ली, जो हैरानी की बात है कि वही लोग थे, जिन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी थी।घटना का विवरण:

दिनांक 03-04 जुलाई 2025 की देर रात्रि को थाना क्लेमेंटाउन पुलिस को पंत मार्ग के पीछे वाली सड़क पर एक नवजात शिशु के पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर नवजात को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को शिशु निकेतन, केदारपुरम में दाखिल किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए।पुलिस की त्वरित कार्रवाई:

एसएसपी के निर्देश पर थाना क्लेमेंटाउन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें 03 जुलाई 2025 की रात एक स्कूटी पर सवार एक युवक और युवती नवजात को सड़क किनारे छोड़ते हुए दिखाई दिए। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सूचना देने वाले कॉलर के नंबर की पड़ताल की, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कॉलर ने ही नवजात को सड़क किनारे छोड़ा था और फिर चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी थी।प्रकरण का खुलासा:

गहन पूछताछ में कॉलर ने स्वीकार किया कि नवजात बच्ची उसकी और उसकी प्रेमिका की संतान है। युवती देहरादून के एक निजी कॉलेज में पढ़ती है और दोनों के बीच पिछले 2-3 वर्षों से प्रेम संबंध थे। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई और 02 जुलाई 2025 को उसने बच्ची को जन्म दिया। पारिवारिक मजबूरियों के चलते दोनों ने बच्ची को सड़क किनारे छोड़ने का फैसला किया और स्वयं ही इसकी सूचना पुलिस को दी।पुलिस की संवेदनशीलता और काउंसलिंग:

पुलिस ने युवक और युवती के परिजनों को बुलाकर पूछताछ शुरू की है। दोनों की काउंसलिंग की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। बच्ची की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ समन्वय स्थापित किया।एसएसपी अजय सिंह की सक्रियता:

एसएसपी अजय सिंह ने इस मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए न केवल त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, बल्कि संवेदनशीलता के साथ बच्ची की सुरक्षा और दोषियों की पहचान को प्राथमिकता दी। उनकी देखरेख में देहरादून पुलिस ने इस मामले में मानवीय और कानूनी दोनों दृष्टिकोणों से सराहनीय कार्य किया है।

यह कार्रवाई एक बार फिर दून पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाती है, जो न केवल कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सक्रिय है, बल्कि सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

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