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उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव के बेटे को फर्जी IPS बनकर करोड़ों के सपने बेचने के आरोप में दून पुलिस ने दबोचा

नौकरी, कंपनी रजिस्ट्रेशन और सरकारी काम कराने के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी आईडी, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां और वायरलेस सेट बरामद

उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव के बेटे को फर्जी IPS बनकर करोड़ों के सपने बेचने के आरोप में दून पुलिस ने दबोचा

नौकरी, कंपनी रजिस्ट्रेशन और सरकारी काम कराने के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी आईडी, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां और वायरलेस सेट बरामद

देहरादून:वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की रणनीति के तहत थाना राजपुर पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी समेत विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपी आर. यशोवर्धन को गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का पुत्र है। पुलिस के अनुसार, अधिकारी बनने का सपना पूरा न होने पर उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों पर रौब जमाना शुरू कर दिया और नौकरी, कंपनी पंजीकरण तथा सरकारी कार्य जल्द कराने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ थाना राजपुर में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। पहले मामले में डाकरा निवासी अंशुल उपाध्याय से उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का शीघ्र पंजीकरण कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये की ठगी की गई। वहीं दूसरे मामले में कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा से रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.60 लाख रुपये हड़पने का आरोप है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपी को सीएसआई तिराहा, मसूरी रोड से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्षों तक यूपीएससी की तैयारी करता रहा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने फर्जी आईपीएस अधिकारी, सैन्य अधिकारी, रॉ एजेंट और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी बनकर लोगों को अपने प्रभाव में लेना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से कई लोगों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी करता आ रहा था।

आरोपी के कब्जे से 5 फर्जी आईडी कार्ड, 8 फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट तथा एक लैपटॉप बरामद किया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके द्वारा की गई अन्य संभावित धोखाधड़ी और पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

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