मौसम अलर्ट: येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट का मतलब समझें, रहें सुरक्षित
मौसम अलर्ट: येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट का मतलब समझें, रहें सुरक्षित
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता को देखते हुए विभिन्न मौसम अलर्ट जारी किए हैं। बरसात के दौरान जारी होने वाले येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनियां हैं, जो मौसम की गंभीरता और संभावित खतरों को दर्शाते हैं। आइए जानते हैं इनका मतलब और इनसे बचाव के उपाय।
येलो अलर्ट: सतर्क रहें
येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम खराब हो सकता है, लेकिन स्थिति अभी गंभीर नहीं है। इस दौरान 24 घंटे में 6.5 से 11.5 सेमी बारिश हो सकती है। इसका प्रभाव मामूली हो सकता है, जैसे सड़कों पर पानी भरना, यातायात में देरी या छोटे-मोटे नुकसान। IMD सलाह देता है कि लोग मौसम की जानकारी लेते रहें और सामान्य सावधानी बरतें।
ऑरेंज अलर्ट: तैयार रहें
ऑरेंज अलर्ट एक गंभीर चेतावनी है, जो भारी से बहुत भारी बारिश (11.5 से 20.5 सेमी 24 घंटे में) का संकेत देता है। इससे बाढ़, भूस्खलन, सड़क बंद होने, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और फसलों को नुकसान हो सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और आपातकालीन तैयारियां करें।
रेड अलर्ट: तत्काल कार्रवाई करें
रेड अलर्ट सबसे गंभीर चेतावनी है, जो अत्यधिक भारी बारिश (20.5 सेमी से अधिक 24 घंटे में) और जान-माल के लिए गंभीर खतरे को दर्शाता है। इससे व्यापक बाढ़, भूस्खलन, यातायात और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हो सकता है। IMD का निर्देश है कि लोग घर से बाहर न निकलें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और आपातकालीन सेवाओं के संपर्क में रहें।
रहें सतर्क, रहें सुरक्षित
IMD के अनुसार, ये अलर्ट क्षेत्र और मौसम की स्थिति के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे नियमित रूप से मौसम अपडेट्स पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। खासकर रेड और ऑरेंज अलर्ट के दौरान, सुरक्षित स्थानों पर रहना और अनावश्यक जोखिम से बचना जरूरी है।
संपर्क: अधिक जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट (www.imd.gov.in) या स्थानीय मौसम कार्यालय से संपर्क करें।
