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देहरादून एसएसपी को जवाब ना देने पर आयोग की कार्यवाही हेतु चेतावनी परंतु बाजारों में बड़े वाहनों की नो एंट्री पर कोतवाली पुलिस मस्त जनता त्रस्त (वीडियों)

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी 

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कोतवाली क्षेत्र के मच्छी बाजार पल्टन बाजार आदि व्यस्त बाजारों में नो एंट्री के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही के संबंध में मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी नोटिस का जवाब ना देने पर आयोग द्वारा कार्यवाही हेतु चेतावनी दी गयी हैं कि आयोग के आदेश की अपेक्षा अनुरूप कार्यवाही ना किए जाने की स्थिति में अगली नियत तिथि में आयोग में जवाब ना देने पर आयोग द्वारा विचारोंप्रांत यथोचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

परंतु बाजारों में बड़े वाहनों की नो एंट्री पर कोतवाली पुलिस मस्त हैं और जनता त्रस्त हैं।

वीीडियो

कोतवाली पुलिस मस्त इसलिए हैं कि आयोग के पूर्व में एसएसपी को आदेश जारी होने के बाद ये संवाददाता स्वयं कोतवाली गया और कहां गया कि आपके कप्तान साहब को मानव अधिकार आयोग से नोटिस हो रखे हैं और फिर भी नो एंट्री के बाद भी व्यस्त बाजारों में बाहर से मुर्गे लेकर आने वाले बड़े ट्रक और बड़े चौपहिया वाहन फिर भी बेधड़क संचालित किए जा रहे हैं तो कोतवाली से जवाब मिला कि यह मामला तो कोतवाली के अंतर्गत खुड़बुड़ा पुलिस चौकी में आता है और वहां के चौकी इंचार्ज हर्ष अरोड़ा ही इस मामले में कुछ करेंगे क्योंकि यह एरिया उनके अंडर में है। इसके बाद भी दौबारा यह संवाददाता कोतवाली गया परंतु वही टालमटोल वाली बात की गई लगता है।लगता हैं यह टालमटोल इसलिए की गई क्योंकि जो थाना कोतवाली के असली जिम्मेदार हैं खुड़बुड़ा पुलिस चौकी के इंचार्ज हर्ष अरोड़ा सहित उन्हें तो ऐसा लगता होगा कि मानव अधिकार आयोग के नोटिस तो उनके कप्तान साहब के विरुद्ध हैं तो उनका क्या बिगड़ेगा इसलिए नो एंट्री के बाद भी कोतवाली क्षेत्र में चौपंहिया बड़े और छोटे वाहन बेधड़क घूम रहे हैं पूरा वरदहस्त है कोतवाली पुलिस का इनपर।

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सम्पूर्ण मामला इस प्रकार हैं कि देहरादून के व्यस्त मुख्य बाजारों विशेषकर पलटन बाज़ार, मच्छी बाज़ार मोती बाज़ार,डिस्पेंसरी रोड आदि में चौपहिया 10 से 12 बड़े ट्रक जो रोज़ाना दूसरे राज्यों से मुर्ग़े आदि लेकर आते हैं तथा छोटे ट्रकों की बाज़ार खुलने के नो एंट्री की समयावधि के बाद भी बेधड़क संचालन इनके कारण बाजारों में जाम तथा भारी अव्यवस्था परंतु इन्हें कोई रोकने वाला नहीं ना ही इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही।
इस अत्यन्त ही जनहित के मामले की शिकायत इस संवाददाता द्वारा मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड में दर्ज़ करवाई गयी तथा निवेदन किया गया कि देहरादून के व्यस्त मुख्य बाजारों विशेषकर पलटन बाज़ार, मच्छी बाज़ार मोती बाज़ार,डिस्पेंसरी रोड आदि में चौपहिया 10 से 12 बड़े ट्रक जो रोज़ाना दूसरे राज्यों से मुर्ग़े आदि लेकर आते हैं तथा छोटे ट्रकों छोटा हाथी नामक तथा अन्य व्यावसायिक वाहनों का बाज़ार खुलने के बाद भी बेधड़क लगभग दिनभर संचालन किया जा रहा हैं। इन वाहनों के कारण जबरदस्त जाम लगने के कारण दिन में बाजारों में भारी अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती हैं परन्तु बाजार खुलने के बाद भी नो एंट्री की समयावधि बाद भी इन्हें कोई रोकने वाला नहीं हैं ना ही इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही की जाती हैं शायद इसलिये कि जिन दुकानदारों के यहां ये ट्रक वाले मुर्गे आदि लेकर आते और अन्य दुकानदार जिनके यहां माल आता हैं उनकी ऊंची पहुंच के कारण इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नही की जाती। इसलिये बाजारों के खुलने के बाद नो एंट्री की समयावधि बाद भी व्यस्त मुख्य बाजारों विशेषकर पलटन बाज़ार, मच्छी बाज़ार मोती बाज़ार,डिस्पेंसरी रोड आदि में चौपहिया बड़े ट्रक जो दूसरे राज्यों से मुर्ग़े आदि लेकर आते हैं तथा छोटे ट्रकों छोटा हाथी नामक तथा अन्य व्यावसायिक वाहनों की बाजारों के खुलने के बाद उनके संचालन पर व्यापक जनहित में रोक लगाने की कृपा करें तथा इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के आदेश पारित करने की कृपा करें।
मानवाधिकार आयोग द्वारा मामलें की गंभीरता देख शिकायत की तत्काल सुनवाई करते हुए आयोग द्वारा एसएसपी देहरादून को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में रिपोर्ट तलब की गई थी।
परन्तु आयोग के आदेशों का उल्लंघन करते हुए सुनवाई की तिथि पर इस मामलें पर जारी नोटिस का कोई जवाब नही दिया गया और जवाब न देने पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी देहरादून को चेतावनी जारी की गई कि आयोग के आदेश की अपेक्षा अनुरूप कार्यवाही ना किए जाने की स्थिति में आयोग द्वारा विचारोंप्रांत यथोचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

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