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देहरादून: श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हाईपैक तकनीक से कैंसर मरीज़ का सफल ऑपरेशन

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हाईपैक
तकनीक से कैंसर मरीज़ का सफल ऑपरेशन
 हाईपैक माॅर्डन कैंसर उपचार की हाईटेक तकनीक
 हाईपैक में कीमोथेरेपी का शरीर पर बहुत कम दुष्प्रभाव
 आंतों व अंडाशय के कैंसर उपचार में सबसे प्रभावी तकनीक
देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर विभाग के डाॅक्टरों ने हाइपैक तकनीक से एक कैंसर मरीज़ का सफल ऑपरेशन किया। हाईपैक (हाइपरथर्मिक इंट्राप्रिटोनियल कीमोथैरेपी) मेडिकल साइंस में कैंसर उपचार की अत्याधुनिक तकनीकों में से एक है। इस तकनीक के माध्यम से कैंसर रोगी को सीधे खून में कीमोथेरेपी न देकर पेट में हाई डोज़ कीमोथेरेपी दी जाती है व मरीज़ के शरीर से कैंसर सेल को नष्ट किया जाता है। विशेषज्ञों की राय में इस तकनीक से कैंसर मरीज़ को कीमोथैरेपी देने का बेहद कम दुष्प्रभाव मरीज़ के शरीर पर पड़ता है। यही कारण है कि हाइपैक तकनीक को मेडिकल साइंस में उपचार का विशेष दर्जा प्राप्त है। मेडिकल विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आंतों व अंडाशय के कैंसर उपचार में हाईपैक तकनीक बेहद प्रभावी मानी जाती है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने अस्पताल के कैंसर विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ पंकज गर्ग व उनकी टीम को सफल ऑपरेशन किये जाने पर बधाई दी।


डाॅ पंकज गर्ग, विभागाध्यक्ष, कैंसर सर्जरी विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने जानकारी दी कि 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एपेंडिक्स के कैंसर की समस्या थी। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में पहली बार हाईपैक तकनीक का उपयोग कर कैंसर उपचार दिया गया है। पंकज गर्ग ने जानकारी दी कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल उत्तराखण्ड में ऐसा एकमात्र अस्पताल है, जहां पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने हाईपैक मशीन खरीदकर मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध करवाई है। अस्पताल में हर समय मशीन की उपलब्धता का यह फायदा है कि परामर्श चिकित्सक द्वारा मरीज़ की कैंसर सर्जरी का निर्णय लिए जाने पर सर्जरी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता है, अस्पताल में मशीन की उपलब्धता के चलते डाॅक्टर तत्काल सर्जरी कर सकते हैं। ऑपरेशन को सफल बनाने में डाॅ पंकज गर्ग, डाॅ अजीत तिवारी, ऑनकोसर्जन, डाॅ रोहिनी कैंसर एनेस्थेटिस्ट, डाॅ मोहित सैनी कैंसर एनेस्थेटिस्ट, डाॅ चंचल, पूजा, अंजीला, लीला आदि का विशेष सहयोग रहा।

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