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MDDA सचिव के आमजनता की जनहानि के मामले से जुड़े मामले में जवाब ना देने पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाया सचिव को स्वयं या प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर जवाब देनेव करने हेतु निर्देशित किया गया

भूपेन्द्र लक्ष्मी

देहरादून में सड़को, गलियों में बिखरी पड़ी रोड़ी बजरी आदि से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं परंतु जिम्मेदारों की आंखें बंद।

देहरादून में भवनों आदि के निर्माण पश्चात लोग निर्माण सामग्री सड़कों पर ही छोड़ देते हैं, जिससे आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

सरकारी विभाग भी इस मामले में पीछे नहीं है सड़कों पर निर्माण सामग्री बिखेरने के मामले में विशेषकर पीडब्ल्यू विभाग,स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम तथा अन्य विभाग इसमें शामिल हैं, नगर निगम द्वारा कॉलोनियों मोहल्लों में नालियों आदि के करवाए जाने वाले कार्यों की भी यही स्थिति है, निर्माण सामग्री सड़कों गलियों में बिखरी होती है, जब भी निर्माण सामग्री के सड़कों गलियों में बिखरे होने पर लोग आपत्ति,शिकायत करते है तो जिम्मेदार अधिकारियों का यही कहना होता हैं कि जो निर्माण सामग्री सड़कों पर बिखरी होती है उसे जब्त कर लेते हैं, जबकि निर्माण सामग्री बिखेरने वाले चाहे वह आम लोग हो चाहे सरकारी विभाग उन पर कानूनी कार्यवाही भी होनी चाहिए।
इस संवाददाता ने इस अत्यंत ही आमजनता की जान माल की हानि से जुड़े प्रकरण में मानव अधिकार आयोग उत्तराखंड में जनहित याचिका दायर कर निवेदन किया गया कि शिकायत का विषय स्पष्ट रूप से आमजनता की जानमाल की हानि से जुड़ा हुआ है, जिसमें आम दोषी लोगों के अलावा सरकारी विभाग भी दोषी हैं। इसलिए जनहित न्यायहित में कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर रिपोर्ट तलब करने की कृपा करें।
मानव अधिकार आयोग के सदस्य आईपीएस राम सिंह मीना द्वारा सचिव मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा जवाब ना देने पर कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किए गए कि सुनवाई की अगली तिथि से पूर्व सचिव एमडीडीए स्वयं या प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर अपनी आख्या आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।

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