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हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में 36 घंटे से भर्ती अपेंडिक्स के मरीज की ऑपरेशन के समय आई कोरोना टैस्ट की याद रिपोर्ट पॉजिटिव

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी 

उत्तराखंड हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल हल्द्वानी की घोर लापरवाही अपेंडिक्स से तड़पते भर्ती मरीज की 36 घंटे बाद ऑपरेशन के समय कोरोना टेस्ट करने की याद आई। कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज युवती को एसटीएच ले जाने को कह दिया।
हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में गांधीनगर वार्ड नंबर 27 निवासी आदिल की एपेंडिक्स से पीड़ित 17 वर्षीय बहन को बृहस्पतिवार को भर्ती किया डॉक्टरों ने एपेंडिक्स फटने की बात कहते हुए तत्काल ऑपरेशन करने की सलाह दी परिजनों द्वारा डॉक्टरों को बताया गया कि उनके पास आयुष्मान कार्ड है, तो उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड से प्रक्रिया में दो से तीन दिन लग जाएंगे परंतु स्थिति गंभीर है इसलिये ऑपरेशन करना पड़ेगा। मरीज़ के परिजन भाई आदिल ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बाहर से ऑपरेशन संबंधी सामान और दवाएं मंगा ली, साथ ही तीन यूनिट खून की भी व्यवस्था करने को कहा गया था परंतु 36 घंटे तक अस्पताल में भर्ती रखा और कोरोना की जांच नहीं करवाई गई, शनिवार को कोविड जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद युवती को एसटीएच ले जाने को कह दिया इसके बाद मरीज को एसटीएच में भर्ती कराया गया बेस अस्पताल की इस घोर लापरवाही को लेकर मरीज के परिजनों में नाराजगी है।इस संबंध में जब सीएमएस डॉ. हरीश लाल से मिले तो उन्होंने कहा कि मरीज कोविड पॉजिटिव है, इसलिए यहां ऑपरेशन नहीं हो सकता। मरीज के परिजनों ने कहा कि मरीज की पहले ही कोविड जांच करा लेते और अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती तो एसटीएच भेज देते। 36 घंटे तक दर्द से तड़पते मरीज को भर्ती कर इंतजार क्यों कराया गया। साथ ही ऑपरेशन का सामान और दवाएं क्यों मंगाई। मरीज का शनिवार देर शाम एसटीएच में ऑपरेशन हो गया।
डॉ. हरीश लाल, सीएमएस बेस अस्पताल के अनुसार।
मरीज 36 घंटे से अस्पताल में भर्ती थी,मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर उसको सुशीला तिवारी अस्पताल रैफर किया गया। जहां उसका ऑपरेशन हो गया हैं।
डॉ. शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं के अनुसार ।
मरीज को अगर 36 घंटे तक अस्पताल में भर्ती रखा था तो एंटीजन रैपिड किट या ट्रूनेट से जांच करा लेनी चाहिए थी और अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती तो एसटीएच भेज देते। कोविड जांच में इतनी देर करना बहुत बड़ी लापरवाही है। मामले की पूरी जानकारी सीएमएस डॉ हरीश लाल से लेने के बाद अगर लापरवाही सामने आई तो कार्यवाही की जाएगी।

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