बीएसएनएल कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी, पुनर्गठन नीति वापस लेने सहित प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन तेज

बीएसएनएल कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी, पुनर्गठन नीति वापस लेने सहित प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन तेज
देहरादून:ऑल यूनियन एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल, उत्तराखंड सर्किल के संयुक्त आह्वान पर बीएसएनएल कर्मचारियों का तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। देहरादून के पटेल नगर स्थित परिसर कार्यालय में आयोजित धरने में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।

यूनियनों ने कहा कि उत्तराखंड में संगठनात्मक पुनर्गठन के पायलट प्रोजेक्ट को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही 1 जनवरी 2017 से लंबित तीसरे वेतन संशोधन (वेज रिवीजन) को लागू करने, कर्मचारियों की वेतन संबंधी विसंगतियों का समाधान करने तथा एफ़ोर्डेबिलिटी क्लॉज में राहत देने की मांग की गई।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने करियर प्रोग्रेशन, ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों के लिए 20 प्रतिशत एचआरए, दुर्गम क्षेत्रों में विशेष भत्ता बढ़ाने, टेन्योर स्टेशन की अवधि तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने तथा विभिन्न भत्तों एवं एनईपीपी (NEPP) से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की भी मांग उठाई।
यूनियनों का आरोप है कि वर्तमान पुनर्गठन नीति के तहत बीएसएनएल कर्मचारियों को सुनियोजित तरीके से विभिन्न शहरों और कार्यालयों से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो कर्मचारियों के व्यावसायिक एवं पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा निजी दूरसंचार कंपनियों को इसका लाभ मिल सकता है।
धरना स्थल पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस धरने में निम्न पदाधिकारी उपस्थित रहे :- अरविंद धीमान, भानु प्रताप, जतिन वालिया, देवेन्द्र बिष्ट, नवीन आदि।