लोको पायलटों के पदोन्नति की परीक्षा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप, दो अधिकारी समेत 26 लोगों को ले गई अपने साथ

इसमें मालूम हुआ कि अधिकारी व कर्मचारियों के घर से एक करोड़ से अधिक नकदी की भी बरामदगी हुई है। धांधली के इस खेल में सिर्फ रेलकर्मी और लोको पायलट ही संलिप्त नहीं, बल्कि इसके पीछे एक बड़े रैकेट का हाथ है। कई बड़े अधिकारी भी जांच के बाद संदेह के घेरे में आ गए।
सीबीआई इस तरह पकड़ा आरोपितों को
पुलिस सूत्रों की मानें तो लोको पायलट प्रमोशन के लिए एग्जाम देने आए थे। रेलवे के कार्मिक विभाग के एक बाबू ने सभी को लान में ठहराया था। आरोप है कि परीक्षा में नकल कराकर प्रमोशन दिलाने के एवज में रिश्वत ली गई थी। इसकी सूचना सीबीआई को हो गई। सीबीआई के अधिकारियों ने फौरी कार्रवाई करते हुए सभी लोको पायलटों को हिरासत में ले लिया है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के काली महाल स्थित राज मैरेज लान है। लान का संचालन चुन्ना नामक व्यक्ति करता है। चुन्ना के मोबाइल फोन पर पीडीडीयू रेल मंडल मुख्यालय के कार्मिक विभाग के बाबू संजय मिश्रा का फोन आया। संजय ने कहा कि कुछ लोको पायलट प्रमोशन का एग्जाम देने के लिए आए हैं। उन्हें लान में रुकने की व्यवस्था कर दो। इसकी जानकारी सीबीआइ को हो गई। रिश्वत लेकर सभी का एग्जाम पास करा कर प्रमोशन कराया जा रहा था। पूरे मामले की जानकारी सीबीआई को हो गई थी। सीबीआइ की सूचना पर इंस्पेक्टर विजय बहादुर तत्काल फोर्स के साथ लान पहुंचे और नौ लोको पायलट को हिरासत में ले लिया था।
इन धाराओं में पंजीकृत हुआ मुकदमा
पकड़े गए सभी लोगों पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें 7, 7 ए व 8 है।




