अधिवक्ता शिवा वर्मा की पैरवी रंग लाई,बेटे की मौत के मामले में डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के अदालत के आदेश
कोर्ट द्वारा प्रार्थना पत्र स्वीकार कर नेहरू कॉलोनी पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए
अधिवक्ता शिवा वर्मा की पैरवी रंग लाई,बेटे की मौत के मामले में डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के अदालत के आदेश
एसीजेएम-5 देहरादून ने धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार किया, नेहरू कॉलोनी पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना के निर्देश।
देहरादून। अधिवक्ता शिवा वर्मा की प्रभावी पैरवी के बाद पंचम अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एसीजेएम-5, देहरादून ने सड़क दुर्घटना के बाद उपचार के दौरान युवक की मौत के मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायालय ने प्रार्थी मेनपाल द्वारा धारा 175(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत प्रस्तुत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को संबंधित डॉक्टरों के विरुद्ध उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं।
प्रार्थी का आरोप है कि वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में घायल उसके पुत्र का रिस्पना पुल स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार किया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा गंभीर चिकित्सीय लापरवाही बरती गई। आरोप है कि समय पर उपचार नहीं किया गया, गलत ऑपरेशन किया गया तथा हालत बिगड़ने पर दूसरे अस्पताल भेजे जाने के बाद युवक की मृत्यु हो गई।
न्यायालय के समक्ष यह भी रखा गया कि उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की जांच में एक चिकित्सक को दोषी पाए जाने पर उसका पंजीकरण 90 दिनों के लिए निलंबित किया गया, जबकि अन्य संबंधित चिकित्सकों को चेतावनी दी गई। इसके बावजूद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
अधिवक्ता शिवा वर्मा द्वारा प्रस्तुत तथ्यों, अभिलेखों एवं जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामला जांच योग्य मानते हुए थाना प्रभारी, नेहरू कॉलोनी को निर्देश दिए कि प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना की जाए तथा की गई कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराया जाए।




