एक्सक्लूसिव

प्रधानमंत्री रोजगार योजना ऋण सब्सिडी दून नगर निगम की ज़मीन निगल गयी या आसमां खां गया अधिशासी अधिकारी को आयोग का प्रत्येक दशा में सशपथ ब्यान हेतु नोटिस

भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी 

प्रधानमंत्री रोज़गार योजना में नगर निगम देहरादून में ऋण सब्सिडी घोटाला प्रधानमंत्री रोजगार योजना की ऋण सब्सिडी नगर निगम देहरादून की ज़मीन निगल गयी या आसमां खां गया. अधिशासी अधिकारी को मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड के प्रत्येक दशा में सशपथ ब्यान हेतु नोटिस जारी.


मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड द्वारा कई दफा प्रकरण के संबंध में देहरादून नगर निगम के अधिशासी अधिकारी को नोटिस भेजे ओर चेतावनी दिये जाने के बावजूद आयोग में जवाब न देने पर न्यायमूर्ति अखिलेश चन्द्र शर्मा तथा सदस्य राम सिंह मीना द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए अधिशासी अधिकारी नगर निगम देहरादून को नोटिस जारी कर निर्देशित किया गया कि सुनवाई की अगली तिथि में आयोग में अपना जवाब दाख़िल करना सुनिश्चित करें आख्या प्रस्तुत ना करने की स्थिति में वह किसी वरिष्ठ भिज्ञ अधिकारी को समस्त प्रपत्रों के साथ प्रत्येक दशा में आगामी दिनांक को 24 मई 2021 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने हेतु निर्देशित करें जिससे उनका सशपथ ब्यान अंकित किया जा सकें ।

समस्त मामला इस प्रकार हैं कि गुलशन कुमार निवासी नेहरू कालोनी देहरादून ने वर्ष 2015 में नगर निगम देहरादून से प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत ₹200000/-(दो लाख )का ऋण लिया था, योजना के अन्तर्गत नगर निगम द्वारा रु 50,000/- (पचास हजा़र) की सब्सिडी बैँक को अदा की जानी थी।
नगर निगम द्वारा गुलशन कुमार की ऋण संबंधी पत्रावली डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक देहरादून की शाखा नेहरू कॉलोनी में भेज दी गई तथा बैंक द्वारा समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात ऋण की धनराशि का भुगतान गुलशन कुमार को कर दिया गया, गुलशन कुमार द्वारा माह अगस्त वर्ष 2019 में पूर्ण ऋण बैंक को अदा कर दिया तथा बैंक द्वारा गुलशन को क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी दे दिया कि अब उनके ऊपर बैंक का कोई भी ऋण बकाया नहीं है परंतु बैंक से अदा ऋण की स्टेटमेंट लेने के बाद देखा गया तो नगर निगम ने लगभग मात्र ₹19000 की ही सब्सिडी बैंक में भेजी है जबकि उन्हें रु 50,000 की सब्सिडी बैंक में भेजनी चाहिए थी जो उनके द्वारा जानबूझकर नहीं भेजी गई हैं। पीड़ित गुलशन कुमार अपनी बक़ाया सब्सिडी की धनराशि लगभग रू 31000/-(इकत्तीस हजा़र ) के लिये नगर निगम के कई चक्कर काट चुका है परंतु नगर निगम वाले बात तक करने को राजी नहीं है, उसका खुलेआम उत्पीड़न कर परेशान किया जा रहा है।
इस अत्यन्त ही गम्भीर मामलें में जो प्रधानमंत्री रोजगार योजना से जुड़ा हुआ हैं के संबंध में मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड में जनहित याचिका दायर कर निवेदन किया गया कि पीड़ित ग़रीब की मदद कर उसकी सब्सिडी की बकाया धनराशि दिलवाने की कृपा करें, साथ ही इस संबंध में कार्यवाही कर पूरे मामले की जांच करवाने की कृपा करें क्योंकि जिस प्रकार इस मामले में सब्सिडी नहीं दी गई है। अन्य मामलों में भी ऐसा हो सकता है इसलिए प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत दिए गए ऋण के समस्त मामलों की जनहित न्यायहित में जांच करवाने की कृपा करें।
नगर निगम देहरादून के उपरोक्त सब्सिडी प्रकरण से तो ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी ऋण लेने वाले के खाते में नहीं पहुंचा स्पष्ट रूप से घोटाला किया गया है क्योंकि आयोग द्वारा इस संबंध में कई नोटिस दिए जाने और चेतावनी जारी करने के बाद भी नगर निगम के अधिशासी अधिकारी द्वारा जवाब नहीं दिया गया इससे तो ऐसा प्रतीत होता है कि नीचे से लेकर ऊपर तक नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी इसमें लिप्त है।
साथ ही यह तो एक ही मामला है इस तरह प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत नगर निगम देहरादून से कई लोगों ने ऋण लिया होगा और इस से तो ऐसा लगता है की कही ओरो के साथ भी कहीं ऐसा ही ना किया गया हो।

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